बिल्सी। तहसील क्षेत्र के गांव धनौली में ग्राम देवता मंदिर पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन मैनपुरी से पधारी कथावाचक लक्ष्मी शास्त्री ने कहा कि भगवान को प्राप्त करने के कई उपाय है। उन्होने ध्रुव चरित्र, भक्त प्रह्लाद चरित्र व नरसिंह अवतार का प्रसंग सुनाया। उन्होने कहा कि प्रह्लाद चरित्र पुत्र व पिता के संबंध को प्रदर्शित करता है। उन्होंने कहा कि यदि भक्त सच्चा हो तो विपरीत परिस्थितियां भी उसे भगवान की भक्ति से विमुख नहीं कर सकती। राक्षस प्रवृत्ति के हिरण्य कश्यप जैसे पिता को प्राप्त करने के बावजूद भी प्रह्लाद ने ईश्वर भक्ति नहीं छोड़ी। प्रह्लाद ने बिना भय के हिरण्य कश्यप के यहां रहते हुए ईश्वर की सत्ता को स्वीकार किया और पिता को भी उसकी ओर आने के लिए प्रेरित किया। लेकिन राक्षस प्रवृत्ति होने के कारण हिरण्य कश्यप ने प्रह्लाद की बात को नहीं माना। ऐसे में भगवान नरसिंह ने उसका संहार किया। प्रह्लाद ने अपने पुत्र धर्म का निर्वहन करते हुए अपने पिता की सदगति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।
इस मौके पर रुपेश यादव, धर्मेंद्र यादव, अरविंद यादव, प्रवीण यादव, विनोद यादव, अजीत यादव, नरेंद्र यादव, अमित माहेश्वरी, विवेक यादव, मुकेश कुमार, हरपाल सिंह, अरविंद कुमार, अनुज यादव, राम खिलाड़ी, पुष्पेंद्र यादव, नरेंद्र, अखिलेश कुमार आदि मौजूद रहे।

























