होम राज्य Divorced Muslim woman entitled to maintenance despite remarriage | तलाकशुदा मुस्लिम महिला...

Divorced Muslim woman entitled to maintenance despite remarriage | तलाकशुदा मुस्लिम महिला दोबारा शादी के बावजूद भरण-पोषण की हकदार: बॉम्बे HC बोला- मुस्लिम पति को पूरी जिंदगी तलाकशुदा पत्नी की जिम्मेदारी उठानी होगी

मुंबई10 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
बॉम्बे हाईकोर्ट में जस्टिस राजेश पाटिल की सिंगल बेंच तलाक के मामले में गुजारा भत्ता दिए जाने पर फैसला सुनाया है। - Dainik Bhaskar

बॉम्बे हाईकोर्ट में जस्टिस राजेश पाटिल की सिंगल बेंच तलाक के मामले में गुजारा भत्ता दिए जाने पर फैसला सुनाया है।

बॉम्बे हाईकोर्ट ने अपने एक फैसले में कहा- तलाकशुदा मुस्लिम महिला दोबारा शादी कर लेती है, तब भी वह अपने पूर्व पति से तलाक में महिला के अधिकारों का सुरक्षा कानून (Muslim Women Protection of Rights on Divorce Act 1986, MWPA) के तहत गुजारा भत्ता पाने की हकदार है।

TOI के मुताबिक, जस्टिस राजेश पाटिल की सिंगल बेंच ने कहा- तलाक की हकीकत अपने आप में पत्नी के लिए धारा 3(1)(ए) के तहत भरण-पोषण का दावा करने के लिए पर्याप्त है। इसके साथ ही कोर्ट ने पूर्व पत्नी को एकमुश्त गुजारा भत्ता देने के दो आदेशों पर पति की चुनौती को खारिज कर दिया। कोर्ट ने पति को अपनी पूर्व पत्नी को 9 लाख रुपए गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया है।

कोर्ट ने कहा- भले ही तलाकशुदा महिला दोबारा शादी कर ले, गुजारा भत्ता पाने की हकदार

जस्टिस पाटिल ने 2 जनवरी को सुनाए फैसले में कहा- एक्ट की धारा 3(1)(ए) दोबारा शादी के खिलाफ बिना किसी शर्त के भरण-पोषण का प्रावधान करती है। यह (धारा) गरीबी रोकने और तलाकशुदा मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के एक्ट के उद्देश्य पर प्रकाश डालती है, भले ही महिला ने दोबारा शादी ही क्यों ना कर ली हो।

‘मुस्लिम पुरुष तलाक के बाद भी जिंदगीभर पूर्व पत्नी की जिम्मेदारी उठाए’
जस्टिस पाटिल ने साल 2001 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भरण-पोषण देने के लिए मुस्लिम पति का दायित्व न केवल तय समय सीमा के लिए, बल्कि तलाकशुदा पत्नी की पूरी जिंदगी के लिए है। अदालत ने साफतौर पर कहा कि पति को तय की गई समय सीमा के भीतर गुजारा भत्ता देना होगा।

जस्टिस पाटिल ने कहा है कि MWPA में एक बार दी गई भरण-पोषण राशि को बढ़ाने के प्रावधानों की कमी है। गुजारा-भत्ता की राशि पहले ही तय कर दी गई है। अब पत्नी भले ही भविष्य में दोबारा शादी कर लेती है, लेकिन इससे अदालत द्वारा आदेशित एकमुश्त राशि पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

यह है मामला

कपल की शादी 9 फरवरी 2005 को हुई थी। 1 दिसंबर 2005 को उनके घर बेटी का जन्म हुआ। पति नौकरी के लिए सऊदी अरब चला गया। जून 2007 में महिला बेटी को लेकर रत्नागिरी के चिपलुण में अपने माता-पिता के घर रहने आ गई।

महिला ने CRPC की धारा 125 के तहत भरण-पोषण का आवेदन दायर किया, इस पर पति ने अप्रैल 2008 में रजिस्टर्ड डाक से उसे तलाक दे दिया। चिपलुण के प्रथम श्रेणी न्यायालय ने महिला का भरण-पोषण आवेदन खारिज कर दिया। इसके बाद महिला ने MWPA के तहत नया आवेदन दायर किया।

इस पर अदालत ने पति को बेटी के लिए गुजारा भत्ता और पत्नी को एकमुश्त राशि देने का आदेश दिया। पति ने आदेशों को चुनौती दी और पत्नी ने भी बढ़ी हुई राशि की मांग करते हुए आवेदन दायर किया। सेशन कोर्ट ने पत्नी का आवेदन आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए एकमुश्त भरण-पोषण राशि बढ़ाकर 9 लाख रुपए कर दी। इस पर पति ने वर्तमान पुनर्विचार आवेदन दाखिल किया।

कार्यवाही के दौरान यह दिखाया गया कि पत्नी ने अप्रैल 2018 में दूसरी शादी की थी, लेकिन अक्टूबर 2018 में फिर से तलाक हो गया। पति की तरफ से तर्क दिया गया कि दूसरी शादी करने के बाद महिला अपने पहले पूर्व पति से भरण-पोषण की हकदार नहीं है। महिला केवल अपने दूसरे पूर्व पति से ही गुजारा भत्ता मांग सकती है।
यह खबर भी पढ़ें…

मुस्लिम महिला तलाक के बाद भी मांग सकती है भरण-पोषण:बॉम्बे हाईकोर्ट बोला- महिला वह स्टैंडर्ड बनाए रखने की हकदार, जैसा पति के साथ था

बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक फैसले में कहा कि मुस्लिम महिला तलाक के बाद भी घरेलू हिंसा कानून के तहत गुजारा भत्ता मांग सकती है। मामला बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच में था। जस्टिस जीए सनप ने गुजारा भत्ता बढ़ाने के सेशन कोर्ट के आदेश के खिलाफ महिला के पति की रिव्यू पिटीशन को खारिज कर दिया। पूरी खबर पढ़ें…

खुला के तहत तलाक लेने फैमिली कोर्ट जाएं मुस्लिम महिलाएं: मद्रास HC बोला- शरीयत काउंसिल न तो कोर्ट न मध्यस्थ, तलाक का सर्टिफिकेट नहीं दे सकती

मद्रास हाईकोर्ट ने कहा मुस्लिम महिलाओं के तलाक से जुड़ा एक बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि शरीयत काउंसिल न तो अदालत हैं और न ही मध्यस्थ, इसलिए वे खुला के तहत तलाक को प्रमाणित नहीं कर सकती हैं। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here