भारत के पड़ोस में एक बार फिर से धरती डोली है. अफगानिस्तान में आज सुबह-सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए. इतना ही नहीं, ताजिकिस्तान में भी भूकंप आया है. हालांकि, राहत की बात यह है कि दोनों जगह से किसी तरह के नुकसान की कोई खबर नहीं है. अफगानिस्तान में जहां 4.3 तीव्रता वाला भूकंप आया, वहीं ताजिकिस्तान में रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.1 मापी गई.
नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, अफगानिस्तान में आज यानी बुधवार सुबह 6 बजकर 10 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए. रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 4.3 मापी गई. इस भूकंप की गहराई धरती से 13 किलोमीटर थी.
वहीं, नेशल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी ने बताया कि ताजिकिस्तान में बुधवार तड़के 2 बजकर 52 मिनट पर भूकंप आया था. रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 4.1 मापी गई और इसकी गहराई 181 किलोमीटर नीचे थी. राहत की बात यह है कि ताजिकिस्तान के साथ-साथ अफगानिस्तान में भी किसी तरह के जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं है. हालांकि, दोनों जगहों पर लोगों को भूकंप के झटकों ने डरा दिया.
बता दें कि इससे पहले मंगलवार को भारत में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे. जम्मू-कश्मीर में मंगलवार की सुबह करीब 8 बजकर 53 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए. जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में सबसे अधिक भूकंप के झटके महसूस किए गए थे. नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के मुताबिक, रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 3.6 मापी गई थी.
भूकंप आए तो क्या करें और क्या नहीं
1. अगर आप किसी इमारत के अंदर हैं तो फर्श पर बैठ जाएं और किसी मजबूत फर्नीचर के नीचे चले जाएं. अगर कोई मेज या ऐसा फर्नीचर न हो तो अपने चेहरे और सर को हाथों से ढंक लें और कमरे के किसी कोने में दुबककर बैठ जाएं.
2. अगर आप इमारत से बाहर हैं तो इमारत, पेड़, खंभे और तारों से दूर हट जाएं.
3. अगर आप किसी वाहन में सफर कर रहे हैं तो जितनी जल्दी हो सके वाहन रोक दें और वाहन के अंदर ही बैठे रहें.
4. अगर आप मलबे के ढेर में दब गए हैं तो माचिस कभी न जलाएं, न तो हिलें और न ही किसी चीज को धक्का दें.
5. मलबे में दबे होने की स्थिति में किसी पाइप या दीवार पर हल्के-हल्के थपथपाएं, जिससे कि बचावकर्मी आपकी स्थिति समझ सकें. अगर आपके पास कोई सीटी हो तो उसे बजाएं.
6. कोई चारा न होने की स्थिति में ही शोर मचाएं. शोर मचाने से आपकी सांसों में दमघोंटू धूल और गर्द जा सकती है.
7. अपने घर में हमेशा आपदा राहत किट तैयार रखें.

























