होम राज्य उत्तर प्रदेश बिल्सी के मुकेश राठी एवं ओमबाबू माहेश्वरी को है, 22 जनवरी का...

बिल्सी के मुकेश राठी एवं ओमबाबू माहेश्वरी को है, 22 जनवरी का बड़ा बेसब्री से इंतजार , मंदिर निर्माण की उम्मीद में जेल मे बिताये 23 दिन।

बिल्सी। 1990 के दशक का सितंबर अक्टूबर के वो महीना जब राम मंदिर निर्माण को लेकर आंदोलन चरम पर चल रहा था,इस आंदोलन के चलते उस समय की सरकार भारी परेशानी में थी,आंदोलन को कुचलने के लिये सरकार ने फैसला किया कि आरएसएस व उससे जुड़े सभी संगठनों के पदाधिकारियों को जेल में डाल देने से आंदोलन की हवा को रोका जा सकता है,इसी के चलते सभी ज़िलों की पुलिस को आदेश था जो मिले उसे अंदर करना है।

उस समय के दौर में बिल्सी नगर के मोहल्ला नम्बर 5 में दो ऐसे परिवार थे जो संघ से जुड़े हुए थे। इन परिवारों पर संग़ठन के दायित्व भी हुआ करते थे एक परिवार डॉ मदन मुरारी लाल राठी का परिवार था जो आरएसएस से जुड़ा हुआ था,राठी परिवार के एक बेटे विवेक राठी पर उस समय बजरंग दल के अध्यक्ष की जिम्मेदारी थी,वहीं दूसरा परिवार कन्हैया लाल माहेश्वरी का था जिनके बेटे ओमबाबू माहेश्वरी पर मंडल महामंत्री भाजपा और आरएसएस का नगर व्यवस्था प्रमुख की जिम्मेदारी थी।

जब संघ से जुड़े पदाधिकारियों को जेल भेजने का आदेश पुलिस को मिला तो बिल्सी पुलिस भी इन दो परिवारों के पीछे पड़ गई दिनरात दबिश देकर गिरफ्तारी का दबाब बनना शुरू हुआ तो दोनों परिवार के लड़के भूमिगत होकर राममंदिर आंदोलन को धार देने में लगे रहे।उधर इन परिवारों के लड़कों का गिरफ्तार करने के लिये पुलिस पर भारी दबाव था, जिसके चलते ओमबाबू माहेश्वरी को पहले गिरफ्तार कर लिया गया इनको 23 दिन पीलीभीत जेल में रहना पड़ा।वहीं राठी परिवार से भी उनके बेटे मुकेश राठी को गिरफ़्तार कर लिया गया उन्होंने भी 18 दिन पीलीभीत जेल में बिताये, उस समय पर इन सभी ने दीपावली भी जेल में मनाई थी।

जहाँ राम जन्मभूमि आंदोलन के लिए विल्सी नगर से मुकेश राठी व ओमबाबू माहेश्वरी जेल गए बहीं इनके साथ पूर्व जिलाअध्यक्ष प्रेम स्वरूप पाठक वदांयू , रामसेवक सिंह पटेल, , श्री अविनाश कुमार उर्फ पप्पू भैया भी पीलीभीत जेल में साथ में ही थे।उस समय जेल में भी प्रतिदिन शाखा लगती थी।पूरी जेल कारसेवकों से भरी हुई थी।

आंदोलन से जुड़ी यादें ताज़ा करते हुए दोनों लोगों का कहना है कि उस समय एक ही नारा था जो हर तरफ गूंजता था *सौगंध राम की खाते हैं मन्दिर वहीं वनायेगे*।अब अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो रहा है और 22 जनवरी को रामलला भी जब प्राण प्रतिष्ठित होकर मंदिर मे बिराजेंगे के साथ ही हम सभी का 3 दशक पूर्व लिया गया संकल्प भी पूरा जाएगा।इसके साथ ही यह आंदोलन भी सफल हो जायेगा।मुकेश राठी व ओमबाबू माहेश्वरी दोनों का कहना है कि हम लोग वास्तव में वहुत भाग्यशाली हैं जो अपनी आंखों से भगवान राम को अपने घर में बिराजते देखेंगे।

पूरी जानकारी ओमबाबू माहेश्वरी व विवेक राठी के बयान के आधार पर ही आधारित है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here