
घटनास्थल पर दमकलकर्मी व अधिकारी मौजूद हैं।
– फोटो : amar ujala
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लखनऊ में संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) में सोमवार दोपहर इंडोक्राइन सर्जरी के ऑपरेशन थियेटर (ओटी) में आग लग गई। इससे इंडोक्राइन सर्जरी के साथ ही बगल की ओटी में भी धुआं भर गया। सर्जरी के दौरान पीलीभीत की महिला और गाजीपुर के नवजात बच्चे को शिफ्ट किया जा रहा था कि दोनों ने दम तोड़ दिया। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
एसजीपीजीआई में सोमवार दोपहर 12:40 बजे इंडोक्राइन सर्जरी की ओटी में ऑपरेशन चल रहा था। उसी समय वहां लगे मॉनिटर में स्पार्किंग के बाद आग लग गई। उस समय पीलीभीत निवासी तैयबा की सर्जरी चल रही थी। आग से ओटी में धुआं भरने लगा। सर्जरी बीच में रोककर महिला को दूसरी जगह शिफ्ट करने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी मौत हो गई। इंडोक्राइन ओटी के ठीक बगल में सीवीटीएस की ओटी है। वहां भी धुआं भरने लगा। उस ओटी में गाजीपुर निवासी महिला नेहा के नवजात बच्चे की दिल की सर्जरी चल रही थी। उसे भी शिफ्ट करने का प्रयास किया गया, लेकिन उसकी भी मौत हो गई।
मुख्यमंत्री योगी ने लिया घटना का संज्ञान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एसजीपीजीआई में लगी आग की घटना का संज्ञान लिया है और वरिष्ठ अधिकारियों और फायर बिग्रेड की टीमों को मौके पर पहुंचकर राहत कार्य तेजी से करने का निर्देश दिया। उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों को घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाने और उचित उपचार का निर्देश दिया है और सभी पीड़ितों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।
रोबोटिक ओटी में बाल-बाल बचा बच्चा
धुआं तेजी से पूरे ओटी कॉम्प्लेक्स में भरने लगा। घटना के वक्त रोबोटिक सर्जरी की ओटी में भी एक बच्चे का ऑपरेशन चल रहा था। राहत की बात यह रही कि इस बच्चे की सर्जरी लगभग हो चुकी थी, इसलिए उसे शिफ्ट करने में कोई समस्या नहीं हुई।
हर तरफ धुआं, आननफानन शिफ्ट किए गए मरीज
आग लगने के बाद पूरे ओटी कॉम्प्लेक्स में धुआं भर गया। आननफानन मरीजों को शिफ्ट कराया गया। कुछ मरीज पोस्ट ऑपरेटिव आईसीयू में भी थे। उन्हें पीएमएसवाई भवन स्थित आईसीयू में शिफ्ट किया गया। कुछ मरीजों को सामान्य वार्ड में भेजा गया। तीमारदारों की भी हालत खराब हो गई।
100 लोग मौजूद थे, मुख्य द्वार-खिड़की तोड़कर निकाला गया
सूचना पर पहुंचे फायर ब्रिगेड व पुलिसकर्मियों ने कर्मचारी की मदद से ओटी कॉम्प्लेक्स में फंसे करीब 100 लोगों को मुख्य द्वार व खिड़की तोड़कर बाहर निकाला गया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद हालत सामान्य हुए।
बेहद दुखद घटना
घटना बेहद दुखद है। प्रारंभिक जांच में मॉनिटर में स्पार्किंग से आग लगने की बात सामने आई है। लोगों को बचाने का पूरा प्रयास किया गया। दुर्भाग्य से एक महिला और एक नवजात की सर्जरी के दौरान शिफ्ट करते समय मौत हो गई। घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। – प्रो. आरके धीमन, निदेशक एसजीपीजीआई

























