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Navy chief directs ‘all possible actions’ to enhance security in Arabian Sea | नेवी ने अरब सागर में बढ़ाई निगरानी: 3 वॉरशिप तैनात किए, 23 दिसंबर को भारत आ रहे जहाज पर हुआ था ड्रोन अटैक

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  • नौसेना प्रमुख ने अरब सागर में सुरक्षा बढ़ाने के लिए ‘सभी संभावित कार्रवाई’ का निर्देश दिया

नई दिल्ली1 घंटे पहले

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नौसेना ने कहा कि नेवी हिंद महासागर में नए सुरक्षा खतरों की जांच के लिए कोस्ट गार्ड के साथ मिलकर काम कर रही है। - Dainik Bhaskar

नौसेना ने कहा कि नेवी हिंद महासागर में नए सुरक्षा खतरों की जांच के लिए कोस्ट गार्ड के साथ मिलकर काम कर रही है।

इंडियन नेवी चीफ एडमिरल आर हरि कुमार ने अरब सागर में सुरक्षा बढ़ाने के लिए निर्देश जारी किए हैं। इसके बाद कॉमर्शियल शिप्स की सुरक्षा के लिए निगरानी तेज कर दी गई है। 3 वॉरशिप तैनाती किए गए हैं। साथ ही आसमानी से नजर रखने के लिए सर्विलांस प्लेन और टोही विमानों की मदद ली जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि नौसेना प्रमुख ने किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर कड़ी नजर रखने को कहा है।

दरअसल, 23 दिसंबर को सऊदी से भारत आ रहे एक ऑयल शिप पर ड्रोन अटैक हुआ था। इंडियन नेवी के मुताबिक, इस जहाज पर 20 भारतीय क्रू मेंबर्स सवार हैं। ये इजराइली जहाज है, जो सऊदी अरब से कर्नाटक के मंगलुरु आ रहा था। ड्रोन अटैक में किसी को नुकसान नहीं पहुंचा, लेकिन जहाज पर आग लग गई।

जिस जहाज पर हमला हुआ, उसका नाम एमवी केम प्लूटो है। फिलहाल किसी ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। (फाइल)

जिस जहाज पर हमला हुआ, उसका नाम एमवी केम प्लूटो है। फिलहाल किसी ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। (फाइल)

नेशनल मैरिटाइम एजेंसी भी नजर रख रही है
जिन तीन वॉरशिप को निगरानी के लिए लगाया गया है, उनमें INS कोच्चि, INS कोलकाताऔर INS मोरमुगाओ शामिल हैं। यह तीनों वॉरशिप स्टील्थ गाइडेट मिसाइल डिस्ट्रॉयर हैं यानी मिसाइल हमलों को नाकाम करने की क्षमता रखते हैं। ऐसे में जहाजों पर ड्रोन और मिसाइल हमलों को रोकने के लिए इनकी तैनाती अहम मानी जा रही है। इसके साथ ही नेवी अरब सागर में पूरी स्थिति पर नजर रखने के लिए नेशनल मैरिटाइम एजेंसी के साथ भी कॉर्डिनेट कर रही है।

भारत आ रहे जहाज पर हिंद महासागर में ड्रोन अटैक हुआ था
भारतीय कोस्ट गार्ड ने कहा कि एमवी केम प्लूटो ने लगभग 11 समुद्री मील प्रति घंटे की गति से आगे बढ़ना शुरू कर दिया है। यह थोड़ी देर में भारतीय तटरक्षक जहाज ICGS विक्रम से मिल सकता है। इस जहाज ने ICGS विक्रम से उसे एस्कॉर्ट करने का अनुरोध किया है। इसके 25 दिसंबर को मुंबई पहुंचने की उम्मीद है।

दरअसल, एमवी केम प्लूटो पर शनिवार को ड्रोन से हमला हुआ। इसमें क्रूड ऑयल है। हमले के बाद भारतीय नौसेना के वॉरशिप और भारतीय कोस्ट गार्ड के पैट्रोलिंग वैसेल ICGS विक्रम को भी उस जगह के लिए रवाना कर दिया, जहां हमला हुआ।

यह वैसेल हिंद महासागर में सऊदी से भारत आ रहा था। 23 दिसंबर की शाम इस पर ड्रोन से हमला हुआ। भारतीय नौसेना के मुताबिक इस जहाज पर 20 भारतीय क्रू मेंबर्स सवार हैं।

मैप में अटैक की लोकेशन देखें…

हूती विद्रोहियों ने भारत आ रहा कार्गो जहाज हाईजैक किया था
इससे करीब एक महीने पहले हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में एक कार्गो शिप गैलेक्सी लीडर को हाईजैक कर लिया था। यह जहाज तुर्किये से भारत आ रहा था। हूती विद्रोहियों ने इसे इजराइली जहाज समझ कर हाईजैक किया था।

वारदात से पहले हूती समूह ने इजराइली जहाजों पर हमले की चेतावनी दी थी। हूती विद्रोहियों के एक स्पोक्सपर्सन ने कहा कि इजराइल की तरफ से चलने वाले सभी जहाजों को निशाना बनाया जाएगा।

इजराइल डिफेंस फोर्सेज (IDF) के अनुसार बहामास के झंडे तले जा रहा जहाज ब्रिटिश कंपनी के नाम पर रजिस्टर्ड है।

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