
आपने पिछले दिनों एक रील देखी होगी। एक लड़की प्लेटफॉर्म पर खड़ी ट्रेन से डांस करते हुए कूदी। दो लड़कों को धक्का दिया। लड़के अवाक होकर देखते रहे। लड़की का डांस नहीं रुका। जमीन पर लेट गई, फिर से खड़ी हुई और लोगों को डिस्टर्ब करते हुए डांस करती रही। अगर यह नहीं देखा होगा तो ट्रेन में, बस में या फिर रेलवे फाटकों पर लोगों के डांस करने वाली रील्स देखी ही होगी।
पब्लिक प्लेस पर रील्स बनाने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी है।पहले के युवाओं को किसी शादी समारोह, पारवारिक उत्सवों, या धार्मिक उत्सवों के दौरान ही अपनी परम्परागत गीत संगीत का प्रदर्शन मनोरंजन के लिये अपनो के बीच ही करते देखे जाते थे, आज के युवाओँ को इन एंड्रॉयड व स्मार्टफोन फोनस ने युवाओँ को रिझाने के लिये कम्पनियों ने ऐसे सैकड़ों ऐप लॉन्च कर दिये हैं जिसका प्रभाव युवाओं के एक वर्ग तेज़ी से पड़ रहा है, वो अपने उठने से लेकर सोने तक यहां तक अपने दैनिक जीवन की क्रियाओं तक कि सेल्फ़ी व उनकी रील बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर कर आनन्द का अनुभव करते नज़र आ रहे हैं, युवाओं के दूसरे वर्ग को सार्वजनिक क्षेत्र के बस रेल मेट्रो हवाई जहाज, के अंदर अचानक डांस या कुछ ऐसे स्टंट करते देखा जा सकता है जिसको आमजन की भाषा मे फूहड़ता का प्रदर्शन कहते हुए सुना जा सकता है।
आये दिन चलती ट्रेन में कोच के अंदर या दरवाजों पर लटक कर डांस करने दौरान बहुत से जानलेवा हादसे हो रहे हैं जिसमें हजारों युवा अपनी जान गंवा चुके है,इसके बाद भी इस रील्स का भूत जो उतरने का नाम ही नहीं ले रहा है। युवाओं का इसके प्रति इतना क्रेज बढ़ चुका है कि एक सेल्फी या रील पर एक LIKE के लिये अपनी LIFE को भी दांव पर लगाने से नहीं चूक रहा है।

























