
वीकेंड पर मथुरा में 4 लाख के आसपास लोग पहुंचे। बांके बिहारी मंदिर के पास की गलियां खचाखच भरी रहीं।
मथुरा/बृन्दावन।यूपी के मथुरा जिले के वृंदावन में रविवार ( 24 दिसंबर) को क्रिसमस और नववर्ष के पहले वीकेंड के चलते रविवार को भारी संख्या में भक्त वृंदावन पहुंचे थे. एक तरफ जहां जिला प्रशासन भीड़ नियंत्रण के तमाम दावे कर रहा है, वहीं दूसरी ओर एक बड़ी घटना हो गई. बांके बिहारी मंदिर की ओर जाने वाले प्रमुख मार्ग पर अलग-अलग स्थान पर बांके बिहारी जी के दर्शन करने जा रहीं 2 बुजुर्ग महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई। पैदल चलते-चलते अचानक दोनों की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

प्रशासन की लापरवाही लोगों के लिए भारी
बता दें कि रविवार को वृंदावन में भारी भीड़ का दबाव रहा। प्रशासन के द्वारा किए गए इंतजाम भी धराशाई नजर आए। जगह-जगह श्रद्धालुओं को जाम के जाम से जूझना पड़ा। आने वाले श्रद्धालु मुसीबत का सामना करते दिखे घंटों के इंतजार के बाद लोग सड़कों रुक-रुक कर चल रहे थे।वृंदावन में वाहनों का प्रवेश वर्जित होने के कारण श्रद्धालुओं को कई कई किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ा। वृंदावन की ओर जाने वाले सभी मार्गों पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रखी थी। वृंदावन में बाहर से आने वाले सभी वाहनों का प्रवेश वर्जित कर दिया गया। प्रशासन के अधिकारियों की लापरवाही लोगों के लिए सिर दर्द बनी रही।इधर, वृंदावन के मार्गों पर डेढ़ से दो किमी लंबा जाम लग गया।
प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
रविवार को वृंदावन में भीड़ का भारी दबाव देखने को मिला। हज़ारों की संख्या में श्रद्धालु ठाकुर बाँके बिहारी के दर्शन को पहुँचे। मंदिर की ओर जाने वाले मार्गों पर भीड़ का जनसैलाब देखने को मिला। भारी भीड़ के दबाव के चलते दो महिला श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत हो गई। महिला श्रद्धालुओं की मौत की खबर जैसे ही अधिकारियों को लगी तो हड़कंप मच गया।आनन फानन में अधिकारी घटना स्थल पर पहुंचे। वहीं लाइन में लगी हुई महिलाएं बेहोश हालत में अस्पताल लाई गईं। डॉक्टर ने उन्हें अमृत घोषित कर दिया। दोनों महिलाओं की मौत की खबर सन परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। परिजनों का कहना है भगवान बांके बिहारी के दर्शन करने के लिए वृंदावन आए थे। भीड़ बहुत होने के चलते बेहोश होकर वह गिर गईं।
एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय पुलिस द्वारा की गई पुष्टि के अनुसार बीना गुप्ता (70) पत्नी ओम प्रकाश गुप्ता निवासी गंज बाजार, महोली, सीतापुर, जो कि अपनी पड़ोसन शिवानी व अन्य परिजनों के साथ वृंदावन में श्रीबांके के दर्शन को आई थीं। रविवार सुबह 11.30 बजे करीब वह मंदिर में दर्शन को निकली थीं। तभी वह भीड़ के चलते अपने परिजनों बिछड़ गईं। पड़ोसन शिवानी उनके साथ थीं। हरि निकुंज चौराहा के पास चलते-चलते उनकी तबीयत बिगड़ी और अचेत हो गईं। सूचना पर पहुंची पुलिस उन्हें सौ शैय्या अस्पताल में लेकर पहुंची। वहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
दूसरी मौत 1.30 बजे करीब जयपुरिया धर्मशाला के पास हुई। मंजू मिश्रा (58) पत्नी भोलेनाथ मिश्रा निवासी अधारताल, जबलपुर, मध्य प्रदेश व छह परिजनों के साथ दर्शन कर लौट रही थीं। तभी वह भीड़ के चलते बिछड़ गईं। बेटी रागिनी उनके साथ थी। अन्य परिजनों के इंतजार में मंजू मिश्रा धर्मशाला के पास ही बैठ गईं। तभी उनकी तबीयत बिगड़ी और अचेत हो गई। पुलिस रामकिशन मिशन अस्पताल लेकर पहुंची। वहां डॉक्टरों मृत घोषित कर दी गईं। एसएसपी के अनुसार दोनों शवों को उनके परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए अपने साथ ले गए। भीड़ के दबाव में मंदिर के भीतर मौत होने की भ्रामक सूचना सोशल मीडिया पर प्रसारित की गई, जो कि गलत है।
चार लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे, व्यवस्थाएं ध्वस्त
सर्दी के चलते कई जिलों व प्रदेशों में स्कूलों की छुट्टी कर दी गई हैं। वहीं, शनिवार, रविवार को सप्ताहांत और सोमवार को क्रिसमस की छुट्टी के कारण श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रविवार को वृंदावन में श्रीबांके बिहारी के दर्शन को उमड़ी। करीब चार लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। भीड़ के चलते पुलिस-प्रशासन की व्यवस्थाएं ध्वस्त हो गईं। रेलिंग तोड़ दी गई। पुलिस कर्मियों के भीड़ नियंत्रण करने में पसीने छूट गए।

























