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लेखपाल घूसकांड: राजस्व कर्मियों के भ्रष्टाचार पर अफसर डालते रहे पर्दा, अब एक और मामला; कार से मिले 10 लाख रुपये।

लेखपाल रिश्वत कांड में अधिकारी राजस्व कर्मियों के भ्रष्टाचार पर पर्दा डालते रहे

लेखपाल की कार से मिलीं 500 के नोटों की गड्डियां

तहसीलों में प्रमाण पत्र, हैसियत, दाखिल खारिज से लेकर वारिसान तक में सुविधा शुल्क का खेल चलता है। शिकायतें भी खूब होती हैं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं होती है।

आगरा में राजस्व कर्मियों के भ्रष्टाचार पर अफसर ही पर्दा डालते रहे हैं। तहसील से कलेक्ट्रेट तक भ्रष्टाचार की जन शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होती। पीड़ितों को विजिलेंस की मदद लेनी पड़ती है। जितने भी लेखपाल, कानूनगों व अन्य राजस्व कर्मी रिश्वत लेते पकड़े गए उन्हें रंगे हाथों विजिलेंस ने ही दबोचा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भ्रष्टाचार को लेकर जीरो-टॉलरेंस की नीति बनाई है, लेकिन तहसीलों में आय, जाति व निवास से लेकर हैसियत प्रमाण पत्र, वारिसान और दाखिला खारिज तक में सुविधा शुल्क का खेल चल रहा है। अब तक चार लेखपाल रिश्वत के आरोप में पकड़े जा चुके हैं।

बड़े अधिकारियों के नाम पर लेखपाल, कानूनगो व अन्य कर्मी लोगों से रिश्वत लेते हुए पकड़े गए। जिलाधिकारी कार्यालय की एक रिपोर्ट के अनुसार पिछले 10 साल में 20 से अधिक राजस्व कर्मियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई चल रही हैं। लेखपालों पर सरकारी जमीनों पर कब्जा कराने से लेकर भूमाफिया के साथ सांठगांठ और राजस्व रिकार्ड में हेराफेरी की शिकायतें हैं।

राजस्व कर्मियों के विरुद्ध आईजीआरएस, संपूर्ण समाधान दिवस व सीएम हेल्प लाइन सहित अन्य माध्यमों से हर माह तीन से चार शिकायतें आती हैं। जिनकी जांच भी राजस्व विभाग के अधिकारी करते हैं। अपने मातहतों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं होती। पीड़ित शिकायतों को लेकर भटकते रहते हैं। शिकायत करने वालों से रंजिश मानते हुए दुर्व्यवहार किया जाता है।

भ्रष्टाचार नहीं होगा बर्दाश्त

जिलाधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी ने बताया कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त नीति पहले से ही लागू है। शिकायत पर यथाशक्ति व यथासंभव कार्रवाई होगी। भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शिकायतों की समीक्षा की जाएगी। आरोपी लेखपाल के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हो चुका है। उसे निलंबित किया जा चुका है। विभागीय जांच कराई जा रही है।

ये लेखपाल भी हुए निलंबित

16 सितंबर 2022 को फतेहाबाद में तैनात लेखपाल बृजमोहन ने किसान से एक लाख रुपये रिश्वत मांगी। 25 हजार में सौदा तय हुआ। सदर बाजार में 15 हजार रुपये की रिश्वत देते हुए किसान ने लेखपाल को एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।

28 मार्च 2023 को सदर तहसील में तैनात लेखपाल जय किशोर निगम का 35 हजार रुपये रिश्वत का वीडियो वायरल हुआ। फतेहपुर सीकरी से भाजपा विधायक चौधरी बाबूलाल ने शिकायत की। तत्कालीन डीएम नवनीत चहल ने लेखपाल को निलंबित किया था।

26 जुलाई 2022 को सदर तहसील के लेखपाल नारायण दत्त का घूस मांगने का वीडियो वायरल हुआ। वीडियो सहित पीड़ित गुतिला निवासी दिनेश भारद्वाज ने तत्कालीन एसडीएम निधि डोडवाल से शिकायत की। एसडीएम ने लेखपाल को निलंबित किया था।

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