दिल्ली।सुप्रीम कोर्ट ने मोदी सरनेम मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को मिली सजा के निलंबन की याचिका पर सुनवाई की. इस दौरान कोर्ट ने राहुल गांधी के विरोध में दलीलें दे रहे शिकायतकर्ता पूर्णेश मोदी के वरिष्ठ वकील महेश जेठमलानी से पूछा कि अदालत ने अधिकतम सजा देने के क्या ग्राउंड दिए हैं. कम सजा भी तो दी जा सकती थी. उससे संसदीय क्षेत्र की जनता का अधिकार भी बरकरार रहता. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी को सुनाई सजा के फैसले पर रोक लगा दी है. जब तक अपील लंबित रहेगी, तब तक सजा पर रोक बरकरार रहेगी.

कोर्ट के इस आदेश के साथ ही राहुल गांधी की संसद सदस्यता भी बहाल हो गई है. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद माना जा रहा है कि इसकी कॉपी लोकसभा स्पीकर सचिवालय जाएगा। इसके बाद लोकसभा स्पीकर राहुल गांधी की सदस्यता पर फैसला ले सकते हैं। माना जा रहा है कि राहुल संसद के मॉनसून सत्र से ही भाग ले सकते हैं। गौरतलब है कि लोकसभा सचिवालय ने राहुल को दो साल की सजा मिलने के बाद उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया था। हालांकि, चुनाव आयोग ने वायनाड में चुनाव की घोषणा नहीं की थी। स्पीकर इस मामले में चुनाव आयोग को सूचित करेंगे इसके बाद स्पीकर इस मामले में फैसला करेंगे। अगर सबकुछ जल्दी हुई तो सोमवार को राहुल संसद के सत्र में शामिल हो सकते हैं या फिर मंगलवार को सत्र में शामिल हो सकते हैं।वहीं कोर्ट का फैसला आने के बाद कांग्रेस ने ट्वीट कर लिखा- यह नफरत के खिलाफ मोहब्बत की जीत है. सत्यमेव जयते – जय हिंद,
हाई कोर्ट का आदेश उपदेश जैसा: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि गुजरात हाई कोर्ट के न्यायाधीश का आदेश पढ़ने में बहुत दिलचस्प है. उन्होंने इसमें बहुत उपदेश दिया है. वहीं सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि मैं बता दूं कि कई बार कारण न बताने पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा आलोचना की जाती है, इसीलिए हाई कोर्ट ने विस्तृत कारण बताता है. ऐसी टिप्पणियां थोड़ी हतोत्साहित करने वाली हो सकती हैं.
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद माना जा रहा है कि इसकी कॉपी लोकसभा स्पीकर सचिवालय जाएगा। इसके बाद लोकसभा स्पीकर राहुल गांधी की सदस्यता पर फैसला ले सकते हैं। माना जा रहा है कि राहुल संसद के मॉनसून सत्र से ही भाग ले सकते हैं। गौरतलब है कि लोकसभा सचिवालय ने राहुल को दो साल की सजा मिलने के बाद उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया था। हालांकि, चुनाव आयोग ने वायनाड में चुनाव की घोषणा नहीं की थी। स्पीकर इस मामले में चुनाव आयोग को सूचित करेंगे इसके बाद स्पीकर इस मामले में फैसला करेंगे। अगर सबकुछ जल्दी हुई तो सोमवार को राहुल संसद के सत्र में शामिल हो सकते हैं या फिर मंगलवार को सत्र में शामिल हो सकते हैं।

























