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नीतीश कुमार ने राज्यपाल से मांगा समय, बीजेपी के हाईकमान ने लालू की फैमिली को किया फोन-बिहार की सियासत 360 डिग्री घूमी,

बिहार में चल रही सियासी उठापटक के बीच बड़ा उलटफेर देखने को मिला है. ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि बीजेपी हाईकमान ने अपने धुर विरोधी आरजेडी (RJD) के चीफ लालू यादव के परिवार से बातचीत की है. सूत्रों से ये जानकारी मिली है. बिहार में बीजेपी और जेडीयू (JDU) का गठबंधन टूटने के कयास लगाए जा रहे हैं. बीजेपी और नीतीश कुमार के बीच बढ़ती दूरियां क्या बिहार में नए गठबंधन की सरकार लाने वाली हैं, इसके कयास लगाए जाने लगे हैं.सियासी घमासान के बीच पार्टी निर्देश पर जदयू, राजद के साथ-साथ लेफ्ट के विधायक पटना पहुंच चुके हैं।संभावना जताई जा रही है कि आज विधायकों की बैठक के बाद नीतीश कुमार एनडीए से अलग होने का ऐलान कर सकते हैं। उसके बाद महागठबंधन के साथ मिलकर नई सरकार के गठन की चर्चा है।

 बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यपाल फागू चौहान से समय मांगा है। उनकी मांग पर 12.30 बजे का समय दिया गया है।राज्यपाल फागू चौहान दिल्ली से पटना पहुंच गए हैं.संभावना जताई जा रही है कि राज्यपाल से मिलकर नीतीश कुमार कोई बड़ी घोषणा करेंगे। बता दें कि पटना में इस समय महागठबंधन की बैठक लालू आवास पर हो रही है।इधर बिहार में तमाम सियासी अटकलों के बीच राजभवन के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है. खबर है कि महागठबंधन के घटक दल की बैठक के बाद तेजस्वी यादव के नेतृत्व में तमाम नेता मुख्यमंत्री आवास पहुंच सकते हैं.वहीं आरजेडी की तरफ से खबर आ रही है कि राजद विधायक दल की बैठक में विधायकों ने मांग की है कि डिप्टी सीएम के साथ गृह विभाग भी तेजस्वी यादव अपने पास रखें. बताया जा रहा है कि आरजेडी विधायक दल की बैठक में यह भी मांग उठी की स्पीकर का पद भी राजद को मिले.

लालू के परिवार को आए BJP हाईकमान के फोन ने चौंकाया

बिहार में सभी की निगाहें अब सीएम नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू और मुख्य विपक्षी पार्टी आरजेडी द्वारा अपने-अपने विधायकों की बुलाई गई मीटिंग पर हैं, जिससे बिहार में राजनीतिक परिवर्तन की अटकलें तेज हो गई हैं. इस बीच, आरजेडी ने अपने सभी विधायकों से कहा है कि अगले 3-4 दिन पटना में ही रहें. वहीं, ऐसा ही आदेश कांग्रेस ने भी अपने विधायकों को दिया है कि पटना में उपस्थित रहे. ऐसे में आरजेडी को लेफ्ट के विधायकों का भी साथ मिल रहा है. लेकिन, बीजेपी आलाकमान की तरफ से लालू यादव की फैमिली को आए फोन ने सभी को चौंका दिया है.

बिहार में महाराष्ट्र वाले गेम की थी तैयारी!

सूत्रों के मुताबिक, बिहार में भी महाराष्ट्र वाला गेम होने की तैयारी थी. सीएम नीतीश कुमार के लिए आरसीपी सिंह, एकनाथ शिंदे बनने वाले थे, लेकिन उससे पहले ही नीतीश कुमार ने स्थिति को भांप लिया और आरसीपी सिंह को जेडीयू से अलग होना पड़ा. केंद्रीय मंत्री रहे आरसीपी सिंह को जेडीयू की तरफ से फिर से राज्यसभा सदस्य नहीं बनाए जाने के पीछे भी यही वजह बताई जा रही है. बीजेपी से बढ़ी आरसीपी सिंह की करीबी जेडीयू को पसंद नहीं आई.

कांग्रेस ने किया ये ऐलान

इस बीच, कांग्रेस की बिहार यूनिट ने राज्य में राजनीतिक बदलाव की अटकलों के बीच एक कदम आगे बढ़ाते,नीतीश कुमार के बीजेपी से नाता तोड़ लेने की स्थिति में बिना शर्त समर्थन करने का ऐलान कर दिया है. अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी सचिव और पार्टी विधायक शकील अहमद खान ने कहा कि सभी पार्टी विधायकों ने नीतीश कुमार के बीजेपी से नाता तोड़ने की स्थिति में अस्तित्व में आने वाले नए समीकरण का सपोर्ट करने का संकल्प लिया है.

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