बदायूँ। हिंदू मान्यता के अनुसार के जल दान से बड़ा कोई दान नहीं होता है। इससे मानव को उत्तम लाभ मिलता है। हिंदू धर्म में गंगा दशहरा का विशेष महत्व होता है। हर साल जेष्ठ माह की शुक्ल पक्ष को मनाया जाता है। इस साल गंगा दशहरा 9 जून आज मनाया गया। पौराणिक मान्यता के अनुसार इस दिन मां गंगा ने भागीरथ के पूर्वजों का उद्धार करने के लिए धरती पर अवतरण लिया था। इसलिए इन दिन को गंगा दशहरा के नाम से मनाया जाता है।हिंदू मान्यता के अनुसार इस दिन मां गंगा भगवान शिव की जटाओं से होकर धरती पर अवतरित हुई थी। उन्होंने भागीरथ के 60 हजार पुत्रों का उद्धार किया था और मुक्ति दिलाई थी। इसलिए कहते हैं कि इस दिन गंगा स्नान करने से पाप धुल जाते हैं। ज्योतिष के अनुसार इन दिनों कुछ चीजों का दान करने से पुण्य मिलता है।हिंदू धर्म के अनुसार गंगा दशहरा के दिन लोगों की प्यास बुझाने से कई सालों की तपस्या के बराबर का फल मिलता है,ऐसे में इस दिन चलते फिरते लोगों को पानी जरूर पिलाना चाहिए।








श्री श्री गौर निताई संकीर्तन ट्रस्ट बदायूँ के सदस्यों ने गंगा दशहरा पर्व पर नगर के प्रोफेसर कालोनी स्थित राधा कुंज निकट बिरवाबाडी मन्दिर पर 11 वां शीतल जल सेवा महोत्सव का आयोजन किया गया ,प्रातः 10 बजे शुरू हुए महोत्सव में पंकज (राधे-राधे), अरुण , श्याम, शरद , ऋषिराम , विजय , सुभाष , महेश , राकेश , सरोज बहिन, गीता बहिन, दीपा बहिन , पायल गुप्ता, प्रिया गुप्ता, युवा मण्डल के ऋषभ शर्मा, अक्षत गोयल, गौरांग वैश्य, गर्वित, जतिन, सभी पदाधिकारियों ने राहगीरों को सायं 6 बजे तक शीतल जल व मीठा शरबत पिलाया। इस दौरान भीषण गर्मी से जूझ रहे आने जाने वाले राहगीरों ने बड़ी संख्या में आकर शीतल जल व मीठे सरबत का आनंद लिया।

























