लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 16 साल के एक लड़के ने अपनी मां की हत्या कर दी. पुलिस ने बताया कि लड़के को PUBG खेलने की लत थी और मां ऑनलाइन गेम से उसको रोकती थी. इसी गुस्से में नाबालिग ने अपने पिता की लाइसेंसी पिस्तौल से मां को गोली मार दी. पिता सेना के जवान हैं और पश्चिम बंगाल में तैनात हैं.पुलिस के मुताबिक, गोली लगने के बाद कई घंटों तक महिला जिंदा रही थी. लड़का दरवाजा खोलकर बार-बार देखने जाता था कि अब तक मां की मौत हुई कि नहीं.





पूछताछ में नाबालिग ने बताया, ‘गोली लगने से लहूलुहान मम्मी कई घंटों तक जिंदा थींं और मैं बार-बार दरवाजा खोलकर चेक करने जा रहा था कि मम्मी मरी कि नहीं. सुबह जाकर चेक किया फिर भी मम्मी जिंदा थीं. कई घंटों के बाद उनकी मौत हुई.’ पुलिस के मुताबिक, अगर सही समय पर जानकारी मिलती, तो महिला की जान बच सकती थी.
मां की हत्या करने वाले नाबालिग बेटे ने कबूला कि उसने रात को 2 बजे मां को गोली मारी थी, लेकिन दोपहर 12 बजे तक वो जिंदा रहीं, तड़पती रहीं। मौत होने के इंतजार में वो बार-बार दरवाजा खोलकर मां को तड़पते हुए देखता था। फिर कमरे का लॉक बंद कर देता था।
एडिशनल डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (ADCP), काशिम आब्दी ने बताया की साधना सिंह की हत्या करने वाले उसके 16 साल के बेटे से दोबारा पूछताछ की गई। इसमें उसने बताया कि 4 जून शनिवार की रात वह मां के साथ ही सोया था। पिस्टल उसी कमरे की अलमारी में रखी थी। मां के सिरहाने से चाबी निकालकर करीब 2 बजे अलमारी से पिस्टल निकाली। पिस्टल के साथ ही मैगजीन और बुलेट रखे थे। मैगजीन लोड करते हुए हाथ कांप रहे थे, क्योंकि इसके पहले कभी रियल गन नहीं चलाई थी।
जिधर बहन सो रही थी, उसी साइड से मारी गोली
हाथ कांपने की वजह से तीन बुलेट फर्श पर गिर गए। इसके बाद पिस्टल लेकर वह मां के पास गया। बेड पर दाईं तरफ मां के साथ 10 साल की बहन भी सोई थी। कातिल बेटे को ऐसा अंदाजा था कि पिस्टल सटाकर मारने पर बुलेट आर-पार हो जाएगा और दूसरी तरफ सो रही बहन को गोली लग सकती थी। इसलिए उसी तरफ से गोली मारी जिधर बहन सो रही थी।
बहन उठी तो मुंह पकड़कर अपनी तरफ घुमा लिया
पिस्टल को मां की कनपटी पर दाईं तरफ सटाया और आंख बंद करके ट्रिगर दबा दिया। गोली की आवाज सुनते ही बहन हड़बड़ाकर उठ गई, लेकिन कातिल ने उसका मुंह पकड़कर अपनी तरफ घुमा लिया। गोली लगते ही मां के सिर से खून की तेज धार निकलने लगी थी। इसके बाद बहन को लेकर दूसरे कमरे में गया और इस रूम का दरवाजा लॉक कर दिया।
10 घंटे में 8 बार मां को तड़पते देखा, दोपहर 12 बजे रुकी सांस
कातिल बेटे ने पुलिस को बताया कि गोली लगने के बाद मां बेड पर छटपटाने लगी। उसे वह उसी हालत में छोड़कर बहन को लेकर दूसरे कमरे में चला गया। दूसरी गोली मारने की इच्छा नहीं हुई। इसलिए मां के मरने का इंतजार करने लगा। हर घंटे कमरे में जाता और मां को तड़पते देखता, लेकिन मन में एक बार भी ख्याल नहीं आया कि उनकी जान बचाई जाए।
हर बार पास जाकर नाक पर हाथ रखकर देखता था कि सांस रुकी कि नहीं। 10 घंटे में 8 बार उनकी सांस चेक की। दोपहर 12 बजे आखिरी बार गया तो मां के शरीर मे कोई हरकत नहीं थी। सांस भी थम चुकी थी। तब जाकर बेटे को भरोसा हुआ कि मां अब मर चुकी है।
बगल में था सबसे बड़ा अस्पताल, बच सकती थी जान
ADCP का कहना है कि साधना के घर से पीजीआई अस्पताल की दूरी 2 किलोमीटर होगी। गोली सिर के पार हो गई थी। अगर समय से इलाज मिला होता तो पूरी संभावना थी कि जान बच जाती। ADCP कहते हैं कि आरोपी बेटे ने जब यह जानकारी दी तो गुस्से के साथ अफसोस भी हुआ कि काश कोई होता जो पुलिस को सूचना दे देता।
3 दिन तक लाश को घर में ही छुपाए रखा
मां की हत्या के बाद कातिल बेटा 3 दिन तक शव को ही घर में रखे रहा। पुलिस ने बताया कि 5 जून की सुबह बहन को कमरे में बंद करके मां की स्कूटी लेकर बाहर गया। शाम को एक दोस्त को फोन करके बुलाया। बहन को दूसरे कमरे में बंद करके दोस्त के साथ पार्टी की। दोस्त ने मां के बारे में पूछा तो बताया कि दादी के पास गईं हैं।
6 जून को दोपहर करीब 12 बजे बहन ने कहा कि भूख लगी है। इस पर पड़ोसी के घर गया। बोला कि मां दादी के घर गई हैं, मुझे खाना बनाना नहीं आता है। बहन भूखी है। पड़ोसी ने खाना दिया। उसे लेकर घर आया। शाम 5 बजे एक और दोस्त को बुलाया।
इसके बाद 7 जून मंगलवार को शाम तक घर के अंदर बेतहाशा बदबू फैल गई, गर्मी की वजह से जब शव से दुर्गंध रुकने का नाम नहीं ले रही थी, तब दुर्गंध को छिपाने के लिए रूम फ्रेशनर का भी इस्तेमाल किया.दुर्गंध के कारण लड़का डर गया कि पड़ोसी घर में न आ जाएं,उसे लगा कि घटना को छिपाना अब मुश्किल है तब उसने मंगलवार को शाम करीब 7 बजे पश्चिम बंगाल में तैनात सेना के जवान पिता नवीन को फोन करके घटना की जानकारी दी.
परिवार लखनऊ में था, पिता प. बंगाल में पोस्टेड थे
वाराणसी के रहने वाले नवीन कुमार सिंह सेना में जूनियर कमीशंड ऑफिसर हैं। उनकी पोस्टिंग पश्चिम बंगाल में है। लखनऊ के पीजीआई इलाके की यमुनापुरम कॉलोनी में उनका मकान है। यहां उनकी पत्नी साधना (40 साल) अपने 16 साल के बेटे और 10 साल की बेटी के साथ रहती थीं।
लडक़े ने लगाया मां पर उत्पीड़न का आरोप
लड़के ने अपने कबूलनामे में मां पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कहा, है कि ‘शनिवार को मम्मी ने मुझे 8 से 9 बजे तक खूब पीटा था. फिर वह जाकर सो गईं. बताया जाता है कि कुछ दिन पहले भी 10 हजार रुपए गायब करने का आरोप लगा था. इसके बाद घर में मां ने बेटे को खूब पीटा था. बाद में पैसे वापस मिल गए, जिससे बेटा मां से काफी नाराज था. इसके बाद घर छोड़कर चला गया था.मां कहती थी कि तुझे काटकर फेक देंगे, जहर दे देंगे. छोटी-छोटी बात पर डांटती थी. बाहर खेलने जाने पर भी नाराज होती थी. बार-बार रोका-टोकी करती थी. रात को-शाम को टोकती ही रहती थी.’
अवैध संबंध का एंगल भी जुड़ा
चर्चा यह भी है कि संगीता का किसी गैर युवक के साथ उठना-बैठना था. इस बात की शिकायत बेटे ने अपने पिता से कर दी थी, जिसके बाद मां हमेशा अपने बेटे से नाराज रहती थी और उसे हर छोटी बड़ी बात पर डांटती रहती थी. इसी से तंग आकर लड़के ने पहले अपनी मां को मारने का प्लान बनाया. फिर उसे मौत के घाट उतार दिया.
सेना में पदस्थ नाबालिग के पिता ने बताया, ‘रविवार को मैंने कॉल की तो बेटे ने उठाया और बोला कि मम्मी बिल जमा करने गई हैं, तो मुझे लगा कि शायद बिल जमा करने गई होगी. फिर मैंने एक बार फोन लगाया तो बेटे ने कहा, मम्मी पड़ोस में गई हैं. मैंने कहा कि बहन से बात कराओ, तो बोला कि बाद में बात कराऊंगा, उसके बाद मेरी कोई नहीं हुई.’
स्वदेश केसरी न्यूज़ से बात करते हुए पिता ने बताया, ‘उन्हें पहले ही आभास हो गया था कि बेटे की हरकतें ठीक नहीं हैं ,इसकी वजह से मैं तुरंत लखनऊ आना चाहता था. हालांकि, छुट्टी नहीं मिल पा रही थी. घर में बिजली का बिल का नोटिस आया था और कनेक्शन काट देने की बात कही थी, जिसको लेकर पत्नी काफी परेशान थी.’
आगे पिता ने बताया, ‘मुझे अंदर से घबराहट हो रही थी, आखिर क्या बात है? कहीं ऐसा तो नहीं कुछ अनहोनी हो गई, बेटे के इरादे काफी खतरनाक थे.और वह किसी भी समय मां को मार सकता है.फिर मैंने ट्यूशन टीचर को फोन किया कि जाकर घर पर देखो क्या बात है? ट्यूशन टीचर घर पहुंचता है और देखता है कि घर बंद है, स्कूटी भी नहीं खड़ी हुई है, कुत्ता हमेशा अंदर रहता था, लेकिन बाहर बंधा हुआ दिखा.’ फिर अगले दिन सुबह उठा और फोन करने ही वाला था कि अचानक मेरे पास बेटे का फोन आया और उसने बोला कि पापा पीछे से घर के अंदर कोई घुसा है और मम्मी को मार डाला है.’
पिता बोले- मैं चाहता हूं कि मेरा बेटा जिंदगी भर सलाखों के पीछे रहे
कातिल बेटे के फौजी पिता नवीन रोते हुए कहते हैं, “हर इंसान चाहता है कि उसकी औलाद हंसते-खेलते जिंदगी गुजारे, लेकिन मैं चाहता हूं कि मेरा बेटा जिंदगी भर सलाखों के पीछे रहे। बेटे को उसके गुनाह की पूरी सजा मिले। इसके लिए हर प्रयास करेंगे।”बहन हत्या की चश्मदीद गवाह पिता नवीन ने बताया कि 10 वर्षीय बेटी ने सब कुछ अपनी आंखों से देखा है। वो कोर्ट में बतौर चश्मदीद गवाह पेश होगी। बेटी को कोई बरगला न सके और वो इस मेंटल ट्रॉमा से बाहर निकले इसलिए उसे अपने साथ रखेंगे।
इस मामले में नवीन की मां नीरजा देवी ने पोते के खिलाफ बहू की हत्या का केस दर्ज करवाया है। आरोपी बेटे को बाल सुधार गृह भेज दिया गया है।

























