मेरठ/बदायूँ उत्तर प्रदेश के मेरठ में चाइनीज मंझे से जुड़ा एकसनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक बाइक सवार की गर्दन चाइनीज मंझे से कट गई, जिसके बाद मौके पर ही उसकी तड़प-तड़पकर मौत हो गई। पुलिस ने युवक की शिनाख्त कर ली है और परिजन को सूचना दे दी है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। हादसे से इलाके में सनसनी फैल गई।
जानकारी के मुताबिक, जिले के पूठ गांव के रहने वाले गौरव किसी काम से बाइक से मेरठ आए थे। छावनी इलाके के रैंप पार्क से गुजरने के दौरान चाइनीज मंझा उनकी गर्दन से लिपट गया। मंझे की धार इतनी तेज थी कि देखते ही देखते गौरव की गर्दन से खून का फव्वारा फूट पड़ा। वह नीचे गिर पड़ा और मारे दर्द के छटपटाने लगा। बताया जा रहा है कि इस दौरान कोई भी राहगीर उनकी मदद को नहीं आया। ज्यादा खून बह जाने से गौरव की मौके पर ही मौत हो गई।स्थानीय लोगों ने पुलिस को घटना की सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। बाइक से मिले कागज के आधार पर पुलिस ने युवक की शिनाख्त कर ली है और परिजन को हादसे की सूचना दे दी है।
बदायूँ में प्रशासन के दावे फेल
सुप्रीम कोर्ट के प्रतिबंध के बावजूद मौत का चाइनीज मांझा बदायूँ में खूब बिक रहा है। खास बात यह है कि इस मौत के मांझा से देश मे कई लोगों की जान भी जा चुकी है जिसमे ताज़ा मामला मेरठ में सामने आया है, लेकिन बावजूद इसके अधिकारी आंखे मूंदे बैठे हैं। प्रतिबंधित चाइनीज मांझे को लेकर स्वदेश केसरी न्यूज़ ने जिले के कई शहर गांव -कस्बों में हकीकत जानी तो चौंकाने वाली स्थिति सामने आई। चाइनीज मांझा हर जगह आसानी से उपलब्ध है।शहर में बच्चों से लेकर बड़े तक चाइनीज मांझा से पतंग उड़ा रहे हैं। स्वदेश केसरी ने शहर की छतों और गली-मोहल्लों में जाकर जांच की तो पाया कि हर 50 में से 45 बच्चों के पास चाइनीज मांझे की चर्खियां और गट्टे हैं।
जब इन बच्चों से पूछा गया तो बोले कि सादा डोर से कोई भी पतंग नहीं उड़ाता। क्योंकि उड़ाते ही कट जाती है। ऐसे में चाइनीज मांझा ही सबकी पसंद बना हुआ है। बच्चों ने यह भी बताया कि ज्यादातर दुकानदार दूसरी जगह से चाइनीज मांझा बेच रहे हैं और मोहल्ले व कॉलोनियों के पहचान वाले लोगों को ही मांझा बेचते हैं।प्रशासनिक लापरवाही के चलते हर जगह आसानी से मिल रहा है चाइनीज मांझा, इन चाइनीज मांजे का शिकार हो चुके हैं कइयों की तो जान पर बन आई है लेकिन गनीमत रही है कि किसी की जान नहीं गई है,बहीं इन मांजे के चलते पशु पक्षी रोजाना इनके शिकार होकर या तो अपनी जान गंवाते हैं या गंभीर रूप से घायल होकर तड़प तड़प के मौत को गले लगाते हैं, आज मेरठ में युवक की मौत के बाद स्थानीय प्रशासन को भी गम्भीरता से लेकर प्रतिबंधित मांझे बेचने वालों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करनी चाहिए,

























