दिल्ली/लखनऊ। किसान आंदोलन और एसपी-आरएलडी गठबंधन से खड़ी हुई सियासी मुश्किल को पार कर कमल खिलाने वाले वेस्ट यूपी के विधायकों में से कई के योगी का वजीर बनना तय माना जा रहा है। मंत्रिमंडल में कौन शामिल होगा, इसके लिए नाम पर अंतिम मुहर पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह के दिल्ली के दरबार में लग चुकी हैं। बीजेपी के सभी जीते विधायक हाईकमान का भरोसा जीतने की जुगत में शिद्दत से जुटे हैं। इस बार वेस्ट यूपी को खास तवज्जो मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
माना जा रहा है कि वेस्ट यूपी में क्षेत्रीय और जातीय समीकरण साधने की बीजेपी कोशिश करेगी। वेस्ट यूपी के हिस्से में बड़ा ओहदा आने के संकेत हैं। जाट समाज को 2024 के लिए पूरी रह साधने को केंद्रीय मंत्री मुजफ्फरनगर के सांसद संजीव बालियान और आगरा से दलित चेहरा राज्यपाल बेबी रानी मौर्य़ को डिप्टी सीएम बनाए जाने की चर्चा तेज है। ऐसा सच होने पर संजीव बालियान की लोकसभा सीट से सरधना से हारे संगीत सोम को उपचुनाव में उतारा जा सकता है। इसी के साथ सहारनपुर जिले में पूर्व मंत्री धर्म सिंह सैनी को हराने का इनाम पहली बार विधायक चुने गए मुकेश चौधरी को मिल सकता है। मुजफ्फरनगर से कपिल देव अग्रवाल और गाजियाबाद से अतुल गर्ग के वैश्य कोटे से दावेदारी है। दोनों फिलहाल भी राज्यमंत्री थे। वैश्य कोटे से मेरठ कैंट से रेकॉर्ड मतों से दूसरी बार जीतने वाले अमित अग्रवाल की भी किस्मत खुल सकती है।

























