होम राज्य उत्तर प्रदेश नेताजी की जयंती पर गोष्ठी का आयोजन,नेता जी सुभाष चंद्र बोस की...

नेताजी की जयंती पर गोष्ठी का आयोजन,नेता जी सुभाष चंद्र बोस की देश भक्ति भारतीयों के लिए अनुकरणीय-पुनीत कश्यप

बदायूँ युवा संकल्प सेवा समिति की ओर से नेता जी सुभाषचंद्र वोस की जयंती के अवसर पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन दुर्गा मंदिर सभागार निकट पुरानी चुंगी पर किया गया।गोष्ठी का शुभारम्भ नेता जी के चित्र पर माल्यार्पण किया गया,गोष्ठी में बोलते हुए संस्था के सचिव पुनीत कुमार कश्यप एडवोकेट ने कहा कि कहा कि नेताजी एक विचार थे। उनकी देश भक्ति भारतीयों के लिए अनुकरणीय रही है,उनके विचारों पर चलने की लोगों की जरूरत है। उनका व्यक्तित्व समाज के लिए आज भी काफी प्रासंगिक है। उन्होंने नेता जी की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए उनका अनुकरण करने की भी प्रतिबद्धता जताई।

गोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप पधारे युवा नेता पारस गुप्ता ने बताया कि सक्रिय राजनीति में आने से पहले नेताजी ने पूरी दुनिया का भ्रमण किया। वह 1933 से 36 तक यूरोप में रहे।नेता जी सुभाष चंद्र बोस भारत के स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी थे। जब देश अंग्रेजों के चंगुल में जकड़ा हुआ था तब नेता जी सुभाष चन्द्र बोस ने आजाद हिंद फौज की स्थापना कर फिरंगियों को चुनौती दी थी। उनके एक इशारे पर लाखों भारतवासी मर मिटने को तैयार रहते थे।

संस्था के उप सचिव निखिल कुमार गुप्ता ने विस्तार से बताते हुए कहा कि सुभाष चंद्र वोस ने सिंगापुर जाकर कैप्टन मोहन सिंह द्वारा स्थापित आज़ाद हिंद फ़ौज की कमान अपने हाथों में ले ली। उस वक्त रास बिहारी बोस आज़ाद हिंद फ़ौज के नेता थे। उन्होंने आज़ाद हिंद फ़ौज का पुनर्गठन किया। महिलाओं के लिए रानी झांसी रेजिमेंट का भी गठन किया

संस्था के कोषाध्यक्ष योगेन्द्र सागर ने कहा कि नेताजी ने आजाद हिंद फ़ौज की स्थापना कर अग्रेजों के दांत खट्टे कर दिए थे। उनका नारा था कि “तुम मुझे खून दो मैं तुम्हे आजादी दूंगा’। उन्हीं का दिया हुआ जय हिंद का नारा देश का राष्ट्रीय नारा बना। हमें उनकी देश भक्ति से सीख लेनी चाहिए।गोष्ठी की अध्यक्षता संस्था के सचिव पुनीत कश्यप एडवोकेट ने की
इस मौके पर बिश्व नाथ मौर्य, मुनीश कुमार, देव गौतम, दिलीप कश्यप, अभिषेक गुप्ता, नितिन कश्यप, आनन्द कश्यप, अंकित साहू आदि उपस्थित रहे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here