काबुल, अगस्त 07: अफगानिस्तान में भीषण युद्ध शुरू हो चुका है और आर-पार की लड़ाई में तालिबान, अफगानिस्तान सरकार पर भारी पड़ रहा है। दो राज्यों की राजधानियों पर नियंत्रण जमाने के साथ ही तालिबान ने अपने कब्जे वाले राज्यों में शरीयत कानून लागू कर दिया है और अपने लड़ाकों को स्वतंत्रता दी है, कि वो अपनी मर्जी से जब चाहें, जिस घर से चाहें 12 साल की उम्र से ज्यादा की लड़कियों और विधवा महिला को अपने साथ ले जा सकते हैं। इसके साथ ही खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान अफगानिस्तान में बहुत गंदा खेल खेल रहा है, जिससे अफगानिस्तान के मासूम लोग मारे जा रहे हैं और तालिबान काफी ज्यादा मजबूत हो रहा है।
अफगानिस्तान से नई दिल्ली पहुंची खुफिया रिपोर्ट में साफ लिखा है कि तालिबान ने अब लड़कियों के साथ जुल्म की हर हद को पार कर दिया है। तालिबान ने बदख्शा, तखर और गजनी प्रांत में 12 साल की उम्र की लड़कियों और विधवाओं के लिए फतवा जारी कर दया है। फतवे में कहा गया है कि तालिबान के लड़ाके जब चाहें, अपनी मर्जी से 12 साल की उम्र की लड़कियों और विधवा महिलाओं को ले जा सकते हैं। यानि, अंदाजा लगा सकते हैं कि ये कट्टरपंथी आतंकी उन छोटी-छोटी बच्चियों के साथ किस स्तर की हैवानियत कर रहे होंगे। वहीं, रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबानी आतंकी घर घर तलाशी अभयान चलाकर सुरक्षा बलों के परिवारवालों को निशाना बना रहे हैं और उनकी संपत्ति को लूट ले रहे है।
पाकिस्तान का डबल गेम
इस बीच, पाकिस्तान लगातार दोनों तरफ से खेल रहा है। एक तरफ वो लगातार तालिबान को हथियार और आतंकियों की सप्लाई कर रहा है, तो दूसरी तरफ पश्चिमी देशों के पक्ष में भी बयान देकर उनका ध्यान भटका रहा है। और देखने में साफ तौर पर ऐसा लगता है कि पाकिस्तान के जाल में अमेरिका समेत तमाम पश्चिमी देश फंसे हुए हैं और लगता ऐसा है, जैसे पाकिस्तान समर्थित कट्टरपंथी ताकतों द्वारा अफगानिस्तान पर सैन्य कब्जे से निपटने की कोई निश्चित योजना पश्चिमी देशों के पास नहीं है। वहीं, रिपोर्ट है कि तालिबान की मदद के लिए भारी संख्या में आतंकियों को पाकिस्तान ने तो भेजा ही है, इसके साथ ही चीन के शिनजियांग, उज्बेकिस्तान के हजारों आतंकी भी तालिबान की मदद के लिए पहुंचे हैं और ऐसा माना जा रहा है कि जल्द ही ये आतंकी अफगानिस्तान में पत्थर युग की स्थापना और कबीलों की सरकार बना लेंगे।




























