जुलाई का महीना शुरू होते ही जहां गर्मी की तपिश ने आम आदमी का जीना मुहाल किया हुआ है, बहीं कोरोना के चलते लॉकडाउन ने आम आदमी का बजट बिगाड़ रखा था,इन सबसे वेपरवाह सरकार अपनी आमन्दनी बढ़ाने की कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही हैं,

आज आम लोगों की जेब पर एक और बड़ा हमला हुआ है। तेल विपणन कंपनियों ने रसोई गैस की कीमतों में भारी बढ़ोत्तरी कर दी है।पहले से ही देश मे महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ रखी थी, पहले से ही डीजल पेट्रोल के हर दिन बढ़ते रेट से आम आदमी परेशान है बहीं दिन पर दिन महिलाओं के किचिन का बजट भी गड़बड़ाने लगा है,जहां रिफाइंड,सरसों के तेल घी, ने महंगाई ने आग लगा रखी थी,बहीं जुलाई महीने ने आते ही आग बरसाती गर्मी के साथ साथ दूध व गैस सिलेंडर के दामों में भी आग लगा दी है।बढ़े दामों ने गरीब ,व मध्यमवर्गीय परिबारों के किचन के बजट को बिगाड़ दिया है।जहां विपक्ष बढती महंगाई व रिफाइंड,सरसों के तेल,घी,दूध पेट्रोल डीजल घरेलू गैस बढ़ रही कीमतों के ख़िलाफ़ है बहीं सत्ता पक्ष के लोग महंगाई को देश हित मे जरूरी बताकर बगलें झांक कर झेंप मिटाते नज़र आ रहे हैं।विपक्ष आजकल सत्तापक्ष के इस गाने को अपना हथियार बनाकर उन्हीं के खिलाफ शोशल मीडिया पर शेयर कर चिढ़ाने का कार्य कर रही हैं “हमार संईया तो बहुत ही कमात है पर महंगाई डायन खात जात है” आपको बता दें वर्तमान देश व प्रदेश की सरकारों ने सत्ता में आने से पूर्व इस गाने के बल पर लोगों के दिल मे जगह बनाई थी आज इसी गाने को विपक्ष ने अपना हथियार बनाकर सत्तापक्ष को चिढ़ाने का काम कर रहा है।

























