- अराजकतत्वों ने किया हो हल्ला, भाजपा नेता ने सभी को वहां से भगाया
- क्षेत्राधिकारी सदर ने जताई नाराजगी
सीतापुर। महोली कोतवाली से चंद कदमों की दूरी पर स्थित बाबा बैजनाथ धाम परिसर में हजारों महिलाओं ने वट सावित्री का पूजन किया लेकिन पिछली बार की तरह इस बार यहां पुलिस का पहरा नहीं दिखा। लापरवाही का आलम यह था कि कुछ अराजकतत्व वहां हो हल्ला करने लगे, उनकी इस हरकत पर एक भाजपा नेता ने विरोध जताते हुए उनको वहां से हटाया। वहीं महोली पुलिस ने इस ओर ध्यान देने की जरूरत नहीं समझी।
जेष्ठ माह की अमावस्या को वट सावित्री व्रत का पूजन सुहागिन महिलाएं करती हैं। महोली कस्बे में कोतवाली से 50 कदम दूर सैकड़ों वर्ष पुराना वटवृक्ष स्थित है। पिछले वर्षों की भांति गुरुवार को इस स्थान पर हजारों महिलाओं ने वट सावित्री का पूजन अर्चन किया। हजारों की भीड़ होने के बावजूद महोली पुलिस ने व्यवस्था बनाए रखने के लिए किसी पुलिसकर्मी तक को नहीं भेजा। पूजन के दौरान कुछ अराजकतत्व हो हल्ला करने लगे। युवा भाजपा नेता प्रवीण शुक्ला ने इसका विरोध जताते हुए उन सबको वहां से भगाया। बताते चलें कि पिछली बार वट सावित्री पूजन के दौरान पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी जिन्होंने पूरे कार्यक्रम भर सभी महिलाओं को सुरक्षा मुहैया कराई थी। इस बार पुलिस की इस लापरवाही से महिलाओं व उनके परिजनों में काफी नाराजगी दिखी। इस संबंध में जब प्रभारी निरीक्षक से फोन पर वार्ता करने का प्रयास किया गया तो बात नहीं हो सकी।
महिला का गायब हो चुका है सोने का हार
दो वर्ष पहले वट सावित्री पूजन के दौरान शुक्लन टोला निवासी एक महिला का सोने का हार यहां से गायब हो गया था। घटना के बाद महिला के पति ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी।
बीते साल एक दरोगा की अगुवाई में टीम ने संभाली थी व्यवस्था
बीते वर्ष वट सावित्री पूजन के दौरान तत्कालीन इंस्पेक्टर के निर्देश पर तत्कालीन कस्बा इंचार्ज राजकरन सिंह की अगुवाई में एक सिपाही व महिला आरक्षियों को यहां सुरक्षा व्यवस्था में लगाया गया था। जिन्होंने पूरे कार्यक्रम भर सभी को सुरक्षा मुहैया कराई थी।
सीओ ने जताई नाराजगी
इतने बड़े कार्यक्रम में सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस का न होना वाकई चिंताजनक है इस संबंध में इंस्पेक्टर से बात की जाएगी आगे से ऐसे कार्यक्रमों में सुरक्षा व्यवस्था मुहैया कराई जा सके इसका पूरा ख्याल रखा जाएगा।
अभिषेक प्रताप अजेय, सीओ सदर


























