होम राज्य उत्तर प्रदेश यूपी का कासगंज, यूरोपियन स्टाइल से होगा हरा-भरा,सड़कों की होगी लैंडस्केपिंग

यूपी का कासगंज, यूरोपियन स्टाइल से होगा हरा-भरा,सड़कों की होगी लैंडस्केपिंग

यूपी के कासगंज में सड़कों की सुंदरता के लिए अब यूरोपियन स्टाइल की मदद ली जाएगी। इसके लिए सड़कों की लैंडस्केपिंग यूरोपियन स्टाइल में करने की योजना तैयार की जा रही है। जल्द ही यहां की सड़कें आपको बेहद सुंदर नजर आने वालीं हैं।

सड़कों के दोनों किनारों पर विभिन्न प्रजातियों के सात से आठ फीट ऊंचे रंग-विरंगे फूलदार और फलदार पौधों को रोपित किया जाएगा। मौसम के अनुसार ही सड़कों के किनारे पौधारोपण किया जाएगा। इससे सड़कों की सुंदरता तो बढ़ेगी ही साथ ही यहां से गुजरने वाले लोगों का सफर पहले से ज्यादा सुहाना हो जाएगा।

इस वर्ष जिले में अधिकतम 100 किलोमीटर की सड़कों के दोनों किनारों पर तकरीबन 1 लाख से अधिक फल और फूलदार पौधों का रोपण किया जाना है। इनमें गुलमोहर, नीली गुलमोहर, सेंवल, अमलतास, कचनार, आम, जामुन, अमरुद, पीपल, बरगद और अशोक सहित अधिकतम 88 प्रकार की प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे। सड़कों के किनारे होने वाले इस पौधारोपण की लैंडस्केपिंग इंडियन रोड कांग्रेस मानक कोड एसपी 21 -2009 और यूरोपियन मानकों के अनुरूप की जाएगी।

यूरोपियन स्टाइल में सड़कों की लैंडस्केपिंग को लेकर डीएफओ दिवाकर वशिष्ठ ने बताया कि प्रचलन के अनुसार ग्रामीण सड़कों के किनारे अब तक आम, नीम, जामुन, पीपल, बरगद और बबूल आदि पौधों का रोपण होता आया है। पहली बार इस तरह की सड़कों पर फल और सुंदर फूलों वाले पौधों का भी रोपण किया जाएगा।उन्होंने बताया कि सड़कों के किनारे फल-फूलदार पौधों को कुछ ऐसे डिजाइन के साथ रोपित किया जाएगा कि साल के 12 महीने वह सुंदर दिखाई दें, इसके लिए सड़कों के दोनों किनारों पर प्रति एक-एक किलोमीटर में अलग-अलग मौसम वाली अलग-अलग प्रजातियों के फलदार और फूलदार पौधों की क्यारियां बनाई जाएंगी, ताकि साल के प्रत्येक मौसम में सड़क किनारे लगे पौधे फल-फूलों से लदी नजर आएं। साथ ही जब यह पौधे बड़े हो जाएंगे तो इन्हें बेहद रचनात्मक स्वरूपों में ढालने की योजना पर भी काम किया जाएगा।

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