बदायूं, वैश्विक महामारी कोरोना की चपेट में आकर देश के लाखों लोग असमय काल का ग्रास बन गए इनमें बहुत से ऐसे भी थे जो अपने परिवार का एकमात्र आय का स्रोत थे। ऐसे लोगों का हमेशा हमेशा के लिए अपनों से दूर हो जाने का दुख परिजनों को हमेशा सालता रहेगा। गुरुवार को शहर के टिथोनस इंटरनेशनल स्कूल के मैनेजमेंट ने एक आपात मीटिंग बुलाई।
जिसमें विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष श्री विनोद अग्रवाल जी के प्रस्ताव पर सर्वसम्मति से विद्यालय प्रबंधन ने यह निर्णय लिया कि जिन बच्चों ने इस महामारी के कारण अपने पिता को खोया है ऐसे बच्चों को विद्यालय में शिक्षारत् रहने की अवधि तक किसी प्रकार का कोई शुल्क नहीं देना होगा। उन सभी बच्चों के जीवन की इस अपूरणीय क्षति, जिसको संसार की किसी वस्तु द्वारा पूरा नहीं किया जा सकता, विद्यालय परिवार का यह सहयोग उनके जीवन के मार्ग को सुगम बनाने की एक कोशिश मात्र होगी। सभी देश वासियों के स्वास्थ्य की मंगल कामनाएं करते हुए विद्यालय प्रबंधक शरद बंसल ने सभी अभिभावकों का विद्यालय में विश्वास बनाए रखने के लिए धन्यवाद प्रेषित किया।
इस अवसर पर प्रधानाचार्य दीपक अग्रवाल ने विद्यालय प्रबंधन की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस महामारी में सामाजिक दायित्व का निर्वाहन जिस प्रकार टिथोनस इंटरनेशनल स्कूल के प्रबंधन द्वारा किया जा रहा है वह अत्यंत प्रशंसनीय है। विद्यालय के इस कदम से निश्चय ही उन सभी परिवारों को एक मजबूत संबल मिलेगा जिन्होंने अपने परिवार का मुखिया तथा आय का प्रमुख स्रोत इस महामारी में खो दिया है।
विद्यालय की उप प्रधानाचार्य सुश्री शुभा पांडे ने इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधन का बहुत आभार प्रकट किया।


























