ख़ास बातें
देश के जाने – माने शिक्षाविद और उद्यमी अनुभव करेंगे साझा
प्रो. के के अग्रवाल और प्रो. आरके मित्तल होंगे रूबरू
एफडीपी में उद्यमिता को लेकर होंगे 44 सत्र
एफडीपी आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी
तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के फैकल्टी ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड कंप्यूटिंग साइंसेज – एफओईसीएस में संकाय विकास कार्यक्रम – एफडीपी होगी। 26 अप्रैल से श्रीगणेश होने वाला यह प्रोग्राम 08 मई तक चलेगा। एफडीपी में नेशनल बोर्ड ऑफ़ एक्रेडिटेशन के चेयरमैन एवं जीजीएसआईपी यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली के संस्थापक कुलपति प्रो. के.के. अग्रवाल बतौर मुख्य अतिथि अपना व्याख्यान देंगे तो भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान, देहरादून के निदेशक डॉ. प्रकाश चौहान, चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आरके मित्तल, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग आईआईटी, कानपुर के प्रोफेसर (एचएजी) प्रो. एसएन सिंह, सिविल इंजीनियरिंग विभाग, आईआईटी रुड़की के विभागाध्यक्ष प्रो. एसके घोष, आईआईआरएस के इंजीनियर डॉ. अनिल कुमार, आईआईटी, रुड़की के प्रो. रजत अग्रवाल, आईटी डिपार्टमेंट, आईआईआईटी इलाहाबाद के प्रोफेसर डॉ. सतीश के सिंह के अलावा 20 से अधिक शिक्षाविद और उद्योगों की नामचीन हस्ती वर्चुअली रूबरू होंगे। यह एफडीपी राष्ट्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी उद्यमिता विकास बोर्ड, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से आयोजित हो रही है।
एफओईसीएस के निदेशक एवं संकाय विकास कार्यक्रम के जनरल कॉन्क्लेव कन्वीनर प्रो. आरके द्विवेदी ने बताया, ऑनलाइन संकाय विकास कार्यक्रम आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मील का पत्थर होगा। एफडीपी की संयोजिका डॉ. गरिमा गोस्वामी ने बताया, एफडीपी में उद्यमिता को लेकर 44 सत्र आयोजित किए जाएंगे।


























