- स्थानीय पुलिस की बड़ी लापरवाही 3 जनवरी की रात को मिला था खून से लथपथ शव 48 घण्टे बाद कराया पोस्टमॉर्टम,
- एसएसपी ने लापरवाह थानाध्यक्ष राघवेंद्र प्रताप को किया निलंबित
- अपराध शाखा से भेजा गया था प्रभारी निरीक्षक बनाकर, एक सप्ताह में ही तोड़ा एसएसपी का विश्वास
- पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में शरीर व प्राइवेट पार्ट पर गम्भीर चोटों के निशान
- स्थानीय पुलिस ने पहले तो गैंगरेप के बाद हत्या की घटना को झूठा बताकर कुएं में गिरने मौत होने की बात कही
- मीडिया में मामला आने के बाद पुलिस ने घर वालों की तहरीर पर गैंगरेप के बाद हत्या की धाराओं में किया केस दर्ज
उत्तर प्रदेश के जनपद बदायूं के उघैती थाना क्षेत्र के एक गांव में निर्भया गैंगरेप जैसी हैवानियत सामने आई है। सबसे चौंकाने वाली बात तो यह है कि ये हैवानियत एक अधेड़ महिला के साथ हुई है.यहां 50 साल की आंगनबाड़ी सहायिका से गैंगरेप के बाद हत्या कर दी गई। दरिंदों ने प्राइवेट पार्ट में रॉड जैसी चीज भी डालने की कोशिश की। आंगनबाड़ी सहायिका के शरीर के अन्य हिस्सों में गम्भीर चोटें आई हैं। महिला के साथ हुए गैंगरेप के बाद उसकी मौत हो गई, इस मामले में एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार लिया है। दो आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस की चार टीमें लगी हुई हैं। एसएसपी संकल्प शर्मा ने लापरवाही बरतने के आरोप में थानाध्यक्ष राघवेंद्र प्रताप सिंह को निलंबित कर दिया है।
जानिए, क्या है पूरा मामला
खबरों की मानें तो यह वारदात उघैती थाना क्षेत्र के एक गांव की है. यहां गांव की 50 साल की आंगनबाड़ी सहायिका पास के स्थित एक मंदिर पर रविवार की शाम को पूजा करने पहुंची थी. उसके बाद महिला घर लौटकर नहीं आई. आस पड़ोस के लोगों का आरोप है कि रात 12 बजे एक कार सवार और दो अन्य शख्स महिला को लहूलुहान हालत में छोड़कर भाग गए. महिला की रात में ही मौत हो गई. बताया जा रहा है कि इससे पहले आरोपी महिला को अपनी गाड़ी से इलाज के लिए चंदौसी भी ले गए थे.
परिजनों ने उघैती थाना पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी,लेकिन पुलिस परिजनों को गुमराह कर थाने के चक्कर कटवाती रही। पुलिस ने पहले तो आंगनबाड़ी सहायिका की गैंगरेप के बाद हत्या की घटना को झूठा बताकर कुएं में गिरने मौत होने की बात कही।परिवालों को कहना है कि उघैती के थानेदार रावेंद्र प्रताप सिंह शिकायत के बाद भी घटनास्थल पर नहीं पहुंचे. सोमवार दोपहर वारदात के 48 घंटे बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा.मामला आलाधिकारियों व मीडिया के संज्ञान में आने के बाद पुलिस ने आंगनबाड़ी सहायिका के घर वालों की तहरीर पर महंत सत्यनारायण, चेला वेदराम व ड्राइवर जसपाल के खिलाफ गैंगरेप के बाद हत्या की धाराओं में केस दर्ज किया,
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में प्राईवेट पार्ट में रॉड डालने की पुष्टि
आंगनबाड़ी सहायिका की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में गैंगरेप के बाद हत्या व प्राइवेट पार्ट में रॉड जैसी चीज डालने की पुष्टि हुई है।आंगनबाड़ी सहायिका के शरीर पर चोट के गम्भीर निशान भी मिले हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पसली,पैर फेंफड़े भी डैमेज हुए हैं।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद पुलिस के आलाधिकारी भो अचंभित है लापरवाह थानाध्यक्ष निलंबित
गैंगरेप के बाद हत्या के मामले में लापरवाही बरतने व घटना को दबाने के मामले में थानाध्यक्ष राघवेंद्र प्रताप सिंह को एसएसपी संकल्प शर्मा ने निलंबित कर दिया है। थानाध्यक्ष ने पुलिस के आलाधिकारी को ग़ुमराह करते हुए बताया था की महिला की कुएं में गिरने से मौत हुई है, लेकिन ग्रामीणों व परिजनों के हंगामे के बाद थानाध्यक्ष की लापरवाही उजगार हुई। जब एसएसपी ने संकल्प शर्मा ने थानाध्यक्ष को निलंबित कर कार्यवाही की है।
ऐसे में सवाल उठता है कि पुलिस ने गैंगरेप के बाद हत्या जैसे इतनी बड़ी वारदात में इतनी बड़ी लापरवाही क्यों की। परिजनों की तहरीर पर मामला तत्काल दर्ज कर शव का पोस्टमॉर्टम क्यों नहीं कराया गया। क्या पुलिस महंत व उसके साथियों को बचाना चाहती थी।




























