प्रदीप कुमार शर्मा,एडिटर इन चीफ
- चारों अभियुक्त फ़िलहाल न्यायिक हिरासत में हैं. सीबीआई के अधिकारियों ने बताया कि चारों का गुजरात के गांधीनगर स्थित फ़ॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी में अलग-अलग टेस्ट भी कराया गया था.
- सीबीआई की जाँच टीम ने जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों से भी बात की थी. ये वही अस्पताल है जहाँ मृतका का इलाज हुआ था.
- इस मामले में यूपी पुलिस के अलावा उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की भी ख़ूब आलोचना हुई थी.
- सीबीआई इलाहाबाद हाईकोर्ट की निगरानी में मामले की जाँच कर रही थी
- अधिकारियों ने पूरे मामले में अभियुक्त संदीप, लवकुश, रवि और रामू की भूमिका की जाँच की.
हाथरस केस: सीबीआई ने दायर की चार्जशीट, चारों आरोपियों पर रेप और हत्या का आरोप
उत्तर प्रदेश के हाथरस में गैंगरेप और हत्याकांड मामले की जांच कर रही सीबीआई ने शुक्रवार को चार्जशीट दाखिल कर दी है. योगी सरकार ने यह केस सीबीआई को जांच के लिए सौंपा था.







जिसकी सीबीआई बीते दो महीने से जांच में जुटी थी. उधर, इस मामले की जांच कर रही सीबीआई पीड़िता के भाई को फोरेंसिक साइकोलॉजिकल टेस्ट के लिए गुजरात लेकर जाएगी. यहां उसका साइकोलॉजिकल असेसमेंट कराया जाएगा. हाथरस कांड में पीड़िता के भाई की ओर से ही एफआईआर दर्ज कराई गई थी.
इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने हाथरस मामले में अपना आदेश सुरक्षित रखते हुए जांच की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी (डीएम) प्रवीण कुमार लक्षकार के खिलाफ सरकार द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किए जाने पर चिंता जाहिर की थी. अदालत ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख मुकर्रर करते हुए उस दिन सीबीआई से इस मामले में अपनी जांच की स्टेटस रिपोर्ट पेश करने को भी कहा था.
लड़की की मौत के बाद देशभर में प्रदर्शन हुआ था। इस दौरान यूपी पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर दावा किया था कि पीड़िता के साथ गैंगरेप नहीं हुआ। यूपी पुलिस के इस बयान के बाद हाई कोर्ट ने यूपी पुलिस को फटकार भी लगाई थी। विवाद बढ़ता देख इस मामले में योगी सरकार ने एसआईटी भी बनाई थी। हालांकि परिवार द्वारा सीबीआई जांच की मांग किए जाने के बाद इस मामले को सीबीआई की टीम को सौंप दिया गया। लगभग तीन महीने की जांच पड़ताल के बाद आज सीबीआई ने इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी।
14 सितंबर का वो काला दिन
बीते 14 सितंबर को जब पीड़िता अपने खेत में जानवरों के लिए घास काटने गई थी। पीड़िता के भाई ने इसके बाद शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी बहन को संदीप नाम के एक युवक ने जान से मारने की कोशिश की है। उसकी चीख-पुकार सुनकर जब मां वहां पहुंची तो आरोपी वहां से फरार हो गया। उसके बाद पुलिस ने उसके भाई के शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर संदीप को गिरफ्तार कर लिया। युवती के भाई ने कहा कि, पहली एफआईआर मेरे और मेरी मां के बयान के आधार पर दर्ज की गई थी। मेरी बहन बयान देने की हालत में नहीं थी। वह बेहोश थी। तब तक हमें यह भी नहीं पता था कि उसके साथ सामूहिक बलात्कार हुआ है। अलीगढ़ के जेएनएमसी अस्पताल के ICU के अंदर 15 तारीख को उसे होश आया, लेकिन वह किसी भी हाल में अपना बयान देने की हालत में नहीं थी। पीड़िता के भाई के अनुसार पुलिस 20 तारीख को अस्पताल आई लेकिन बहन उस दिन भी अपना बयान नहीं दे सकी।
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार अभियुक्तों के वकील ने बताया कि हाथरस की स्थानीय अदालत ने मामले का संज्ञान लिया है
हाथरस गैंगरेप मामला न सिर्फ़ अपराधियों की बर्बरता की वजह से चर्चा में आया था बल्कि इसमें उत्तर प्रदेश की पुलिस पर मृतका के परिजनों की अनुमति के बिना और उनकी ग़ैरहाज़िरी में उसका अंतिम संस्कार करने पर भी विवाद हुआ था.इस मामले में यूपी पुलिस के अलावा उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की भी ख़ूब आलोचना हुई थी.बाद में उत्तर प्रदेश सरकार ने अदालत से कहा था कि इलाके में ‘न्याय-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने’ के डर से आनन-फानन में लड़की का अंतिम संस्कार करा दिया गया.
19 साल की लड़की दलित परिवार से थी जबकि चारों अभियुक्त तथाकथित ऊंची जाति से सम्बन्ध रखते हैं.इस पूरे मामले में उत्तर प्रदेश में व्याप्त जाति-व्यवस्था की उलझनें भी सामने आई थीं जब कुछ गाँवों में अभियुक्तों के पक्ष में महापंचायत बुलाई गई.
इतना ही नहीं, लड़की के गैंगरेप होने को लेकर भी सवाल उठाए गए. इसके अलावा, उत्तर प्रदेश सरकार ने कुछ वक़्त के लिए पीड़िता के गाँव में मीडिया के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी गई थी.
इस मामले में यूपी सरकार ने पीड़िता के परिजनों का नार्को टेस्ट कराने की बात कही थी जिसे लेकर भी काफ़ी विवाद हुआ था क्योंकि आम तौर पर नार्को टेस्ट अभियुक्त पक्ष का होता है.
राज्य सरकार और प्रशासन पर लचर रवैये के आरोपों के बाद आख़िकार एक विशेष जाँच समिति (एसआईटी) का गठन किया गया था. हालाँकि जाँच का ज़िम्मा बाद में सीबीआई को सौंप दिया गया.हाथरस:सीबीआई ने मानी दलित लड़की के गैंगरेप और हत्या की बात,चार्जशीट दायरउत्तर प्रदेश के हाथरस में दलित लड़की के साथ हुए गैंगरेप और हत्या मामले में सीबीआई ने शुक्रवार को आरोपपत्र दायर कर दिया है.


























