मुरादाबाद तीर्थंकर महावीर विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी पाॅलीटेक्निक में इलेक्ट्राॅनिक्स विभाग की ओर से एप्लीकेशन ऑफ पाइथन पर आयोजित वेबिनार में सिविल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, इलैक्ट्राॅनिक्स इंजीनियरिंग, कम्प्यूटर साइंस इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग के लगभग 200 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। एमिटी विश्वविद्यालय, लखनऊ के रिसर्चर सुमित गुप्ता बतौर मुख्य वक्ता बोले, पाइथन एक उच्च स्तरीय प्रोग्रामिंग लेंग्वेज है। पाइथन का प्रयोग साॅफ्टवेयर, वेब एप्स, डाटा साइंस, आर्टिफिसियल इंटेलीजेंस, मशीन लर्निंग, डीप लर्निंग सरीखे क्षेत्रों में किया जाता है। पाइथन पोर्टेबिल और इसका प्लेटफाॅर्म इंडिपेडेंट है। इसे विंडो, मैक या लिनुक्स जैसे किसी भी प्लेटफाॅर्म पर प्रयोग किया जा सकता है। पाइथन ओपन सोर्स है। पाइथान ब़़् और जावा की तरह एक ऑब्जेक्ट ओरिंएंटेड प्रोग्रामिंग लेंग्वेज है। यह क्लासेज, इनकैप्सूलेशन, इनहेरिटेंस और दीगर ऑब्जेक्ट ओरिंएंटेड फीचर्स को सपोर्ट करता है। उन्होंने यह भी बताया, आज के युग में पाइथन का कहाँ-कहाँ उपयोग होता है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को उसके प्रोग्राम कोड्स के बारे में भी बताया। उन्होंने पाइथन को अपने सिस्टम में इनस्टाॅल करने की प्रक्रिया भी बतायी। अन्त में उन्होंने विद्यार्थियों के प्रश्नों के जवाब भी दिए। पाॅलीटेक्निक प्राचार्य डाॅ.अमित शर्मा ने कहा, मौजूदा वक्त में पाइथन का सर्वाधिक उपयोग होने लगा है। पाइथन का सिंटेक्स और प्रोग्रामिंग लेंग्वेज के मुकाबले आसान है। संचालन श्री शलभ गौड़ ने किया। बेविनार में श्री अरविंद गौड़, श्री जितेश वर्मा, सुश्री निधि मल्होत्रा आदि भी मौजूद रहे।


























