नई दिल्ली। साउथ अफ्रीका में कोरोना वायरस संक्रमण का नया वेरिएंट पाया गया है, जिसे लेकर तमाम देशों के चिंताएं बढ़ गई हैं. ऐसे में इंग्लैंड और इजराइल ने साउथ अफ्रीका पर यात्रा प्रतिबंध लगा दिए हैं. इंग्लैंड ने साउथ अफ्रीका को अपनी ट्रेवल रेड लिस्ट में डाल दिया है. इसके साथ ही, साउथ अफ्रीका की सभी उड़ानों को रोक दिया गया है.
वहीं, सैकड़ों लोग जो हाल ही में साउथ अफ्रीका से इंग्लैंड लौटे हैं, जहां बी.1.1.1.529 वैरिएंट मिला है, उनका पता लगाए जाने और उन्हें टेस्ट कराने के लिए कहे जाने की भी उम्मीद है. व्हाइटहॉल के सूत्रों ने कहा कि नया वेरिएंट हमारे वैक्सीन कार्यक्रम के लिए एक संभावित खतरा है, जिसे हमें हर कीमत पर बचाना है.
साउथ अफ्रीका को यात्रा की लाल सूची में रखने और शुक्रवार से उड़ानों पर प्रतिबंध लगाने के साथ ही अधिकारी कई यात्रा उपायों की समीक्षा भी कर रहे हैं, जिसमें यह भी शामिल है कि यात्रियों के आगमन पर पीसीआर टेस्ट फिर से शुरू कराया जाए या नहीं. बता दें कि वर्तमान में यूके में नए वेरिएंट का काई केस नहीं मिला है.
इसके अलावा गुरुवार को इजराइल ने भी साउथ अफ्रिका पर प्रतिबंध लगा दिया. इज़राइल ने घोषणा की है कि वह अपने नागरिकों को दक्षिणी अफ्रीका की यात्रा करने से रोक रहा है और इस क्षेत्र से विदेशियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा रहा है. यह दक्षिण अफ्रीक में मिले नए COVID-19 वेरिएंट के कारण किया जा रहा है.
साउथ अफ्रीका में सबसे खतरनाक वेरिएंट मिला
साउथ अफ्रीका में कोरोना वायरस के एक नए स्वरूप का पता लगा है, जिससे अधिक तेजी से संक्रमण फैसले की आशंका है. अधिकारियों ने इससे जुड़े 22 मामलों की बृहस्पतिवार को पुष्टि की. इंपीरियल कॉलेज लंदन के विषाणु विज्ञानी डॉ टॉम पीकॉक ने इस सप्ताह की शुरुआत में अपने ट्विटर अकाउंट पर वायरस के नए स्वरूप (बी.1.1.529) का विवरण पोस्ट किया था.
डॉ टॉम पीकॉक के पोस्ट के बाद से वैज्ञानिक इस स्वरूप पर गौर कर रहे हैं. हालांकि, ब्रिटेन में इसे चिंता पैदा करने वाले स्वरूप की श्रेणी में अभी औपचारिक रूप से नहीं डाला गया है. लेकिन, ब्रिटेन इस दिशा में गंभीरता से विचार कर रहा है और कई यात्रा उपायों की ओर कदम बढ़ा रहा है.
साउथ अफ्रीका के राष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थान- नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर कम्युनिकेबल डिजीज (एनआईसीडी) ने पुष्टि की कि साउथ अफ्रीका में बी.1.1.529 का पता चला है और जीनोम अनुक्रमण के बाद बी.1.1.529 के 22 मामलों की पुष्टि हुयी है.
एनआईसीडी के कार्यवाहक कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर एड्रियन प्यूरेन ने कहा, “इसमें आश्चर्य की कोई बात नहीं है कि साउथ अफ्रीका में एक नए स्वरूप का पता चला है. हालांकि, आंकड़े अभी सीमित हैं, हमारे विशेषज्ञ नए स्वरूप को समझने के लिए सभी स्थापित निगरानी प्रणालियों के साथ लगातार काम कर रहे हैं।’’
मुंबई सेंसेक्स में आज 1300 अंकों से भी अधिक की गिरावट देखने को मिली, जबकि निफ्टी भी 350 अंकों से अधिक फिसल गया। सवाल ये है कि आखिर इतनी बड़ी गिरावट की वजह क्या है। दरअसल, कोरोना वायरस का एक नया वैरिएंट सामने आया है, जिसके चलते शेयर बाजार में खलबली मच गई है। मार्च 2020 जैसे क्रैश से डरते हुए बहुत सारे निवेशक शेयर बाजार से अपना पैसा वापस खींच रहे हैं, जिसके चलते गिरावट आ आ रही है।
आज सेंसेक्स 541 अंकों की भारी गिरावट के साथ 58,254.79 अंकों के स्तर पर खुला और ये गिरावट देखते ही देखते बढ़ती चली गई। हालात ये हो गए सेंसेक्स 1109 अंकों से भी अधिक गिर गया। दिन के कारोबार में सेंसेक्स ने 57,727.52 अंकों का न्यूनतम स्तर छू लिया, वहीं सेंसेक्स अपने ओपनिंग लेवल से ऊपर नहीं जा सका।
वहीं दूसरी ओर निफ्टी का भी हाल कुछ ऐसा ही रहा। गुरुवार को 17,536.25 के स्तर पर बंद हुआ निफ्टी आज करीब 198 अंकों की गिरावट के साथ 17,338.75 अंकों पर खुला। बाद के कारोबार में ये गिरावट और बढ़ी और देखते ही देखते बाजार 17,177.05 के स्तर तक गिर गया। यानी निफ्टी में करीब 359 अंकों तक की गिरावट देखने को मिली।
सारे शेयर लाल निशान में!
हालात कितने बुरे हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से सिर्फ डॉ. रेड्डीज लैब के शेयर में तेजी दिख रही है, बाकी सारे 29 शेयर लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर अगर बात निफ्टी की करें तो उसके 50 में से सिर्फ 3 शेयर तेजी में हैं और यह तीनों फार्मा शेयर हैं। बाकी के 47 शेयर गिरावट का रुख झेल रहे हैं।
भारत सरकार भी अलर्ट पर
भारत सरकार के स्वास्थ्य सचिव ने निर्देश जारी किया है कि भारत आने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की सघन कोरोना जांच की जाए. भारत सरकार के स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र लिखकर कहा है कि कोरोना के नए वैरिएंट के मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं. वीजा संबंधी और देश में आने संबंधी छूट की स्थिति में इससे देश में स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें बढ़ सकती हैं. इसलिए सभी राज्य बाहर देशों से आने वाले सभी यात्रियों की सख्त जांच करें.

























