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शिक्षक,शिक्षामित्र व अनुदेशकों की 21 सूत्रीय मांगें सरकार द्वारा ना माने जाने से हुए निराश,चले आंदोलन की राह, BRC पर धरना 14 को …


उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय आवाह्न पर बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, के0जी0बी0वी0 शिक्षक, विशेष शिक्षक, आंगनवाड़ी कार्यकत्री, रसोईयां एवं पेंशनर्स अपनी लंबित 21 सूत्रीय मांगों के लिए प्रदेश के सभी विकास क्षेत्रों के बी0आर0सी0 कार्यालय पर होने वाले धरना प्रदर्शन के क्रम में जनपद बदायूं में भी धरना प्रदर्शन करेंगे। शिक्षक संवर्ग लंबे समय से शासन द्वारा आश्वासन दिए जाने के बावजूद अपनी मांगों को ना माने जाने से निराश हैं, इसी के चलते अपनी मांगों को स्वीकार कराने हेतु आंदोलन की राह पर चलने को मजबूर हो गया है।

संगठन के जिलाध्यक्ष संजीव शर्मा ने बताया कि समस्त विकास क्षेत्रों के पदाधिकारी शिक्षकों से संपर्क कर उन्हें 21 सूत्रीय मांग पत्र के साथ 14 सितंबर के धरने को सफल बनाने के लिए रणनीति तैयार रहने को कहा है।जिलाध्यक्ष श्री शर्मा का कहना है कि उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ शिक्षक संवर्ग की विभिन्न मांगों जैसे पुरानी पेंशन बहाली, कैशलेस चिकित्सा, ए0सी0पी0, उपार्जित अवकाश एवं द्वितीय शनिवार अवकाश, छात्रों को बैठने हेतु फर्नीचर , बिजली, पंखे, पीने का शुद्ध पानी एवं विद्यालय की चाहर दीवारी की सुविधा, प्रत्येक कक्षा पर एक अध्यापक, प्रत्येक विद्यालय में प्रधानाध्यापक, लिपिक , चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी एवं चौकीदार की नियुक्ति, शिक्षकों के अन्तःजनपदीय एवं अन्तर्जनपदीय (आकांक्षी जनपद सहित ) स्थानान्तरण करने, विद्यालयों का संविलियन निरस्त करने एवं शिक्षकों को पदोन्नति देने, लैपटॉप और टेबलेट जैसे गैजेट्स न दिए जाने के बावजूद ऑनलाईन कार्य के लिए बाध्य कर शिक्षकों का शोषण को बन्द करने, 17140 व 18150 की विसंगति दूर करने, सभी शिक्षकों को प्रोन्नत वेतनमान देने, सेवानिवृत्त शिक्षकों / पेंशनर्स की समस्याओं का निराकरण करनें, सभी शिक्षा मित्र, अनुदेशक, विशेष शिक्षक एवं कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालयों के शिक्षकों को स्थायी नियुक्ति देने, सभी रसोईयों भोजन माताओ को स्थाई कर प्रतिमाह रुपये 10,000 / – मानदेय देने, ऑगनवाड़ी सहायिका को रु 10,000 / – एवं आँगनवाड़ी कार्यकत्री को ₹ 15,000 / -प्रति माह मानदेय देने, परिवार नियोजन प्रोत्साहन भत्ता, नगर प्रतिकर भत्त बहाल करने एवं महंगाई भत्ते का एरियर भुगतान करनें, सामूहिक बीमा की धनराशि रुपये दस लाख करने, वार्षिक प्रविष्टि का शासनादेश वापस लेने, उ0 प्र0 शिक्षा सेवा अधिकरण विधेयक 2021 वापस लेने, मृतक शिक्षकों के परिवारों को ग्रेच्युटी का भुगतान करनें, मृतक शिक्षकों के आश्रितों को टी0 ई0 टी0 से मुक्ति देने, मृतक शिक्षकों के आश्रितों को लिपिक के अधिसंख्य पदों पर नियुक्ति देने, कोरोना महामारी एवं पंचायत निर्वाचन के दौरान मृत शिक्षक, शिक्षा मित्र एवं अनुदेशकों के परिवारों को 01 करोड़ रुपये का मुआवजा देने, मृतक शिक्षा मित्र, अनुदेशक एवं विशेष शिक्षक के आश्रित को नौकरी देने सम्बन्धी मांग करेंगे।

सरकार ने प्रदेश में शिक्षकों की पुरानी पेंशन और सवा लाख विद्यालयों में प्रधानाध्यापक के पद को समाप्त कर दिया अनुदेशकों का मानदेय 17000 से घटाकर 7000 कर दिया विद्यालयों में कार्यरत विशेष शिक्षक और रसोईया आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं।
शिक्षकों का कहना है कि सरकार शिक्षक हितों की अनदेखी कर रही है और इसके लिए अब उन्हें आर-पार की लड़ाई करनी होगी।
जिला मंत्री उदयवीर सिंह यादव एवं कोषाध्यक्ष सुशील चौधरी ने बताया कि शिक्षक विरोधी नीतियों से शिक्षक हतोत्साहित हैं और शिक्षकों का आंदोलन शिक्षकों की 21 सूत्रीय मांगों के पूरा होने तक चलता रहेगा।

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