- श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में आयोजित सत्संग का समापन
महोली (सीतापुर)। धर्म की रक्षा करने तथा जगत का कल्याण करने के लिए भगवान अवतार लेते हैं। यह बात कठिना तट स्थित श्रीराधाकृष्ण धाम प्रज्ञानं सत्संग आश्रम में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में सात दिवसीय आयोजन के समापन पर श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी अभयानंद सरस्वती जी ने कही।
उन्होंने कहा कि जब धरती पर अनाचार और अधर्म बढ़ गया तो धर्म और पृथ्वी माता ने जाकर भगवान की स्तुति की। इसके बाद भगवान ने इस धरा पर अवतार लिया। स्वामी जी ने बताया कि भगवान ने राक्षसों व अधर्मियों का संहार कर धर्म की स्थापना की। स्वामी जी ने कहा कि अपने कर्म पर विश्वास रखो, परिश्रम करो भगवान की कृपा प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि नारी का अपमान नहीं करना चाहिए ऐसा करने से विनाश होता है। जहां स्त्री का सम्मान किया जाता है पूजा होती है वहां देवता निवास करते हैं। अंत में आरती और प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर आश्रम के महंत स्वामी ओमकारानंद सरस्वती, हरिद्वार से आए सर्वेश्वरानंद सरस्वती, आश्रम समिति के संरक्षक डाॅ. रामजीदास टंडन, अध्यक्ष अवधेश वर्मा, धर्मेंद्र मिश्र, हनुमान दीक्षित, विशंभर दयाल त्रिवेदी, आनंद दीक्षित, उत्तम गुप्ता, अवधेश त्रिवेदी, राजीव पाल, डाॅ. रेनू वर्मा, कांती मिश्रा, मंजू मिश्रा, साधना श्रीवास्तव, कविता गुप्ता, अंजली मिश्रा, अपर्णा मिश्रा आदि भक्त मौजूद रहे।




























