देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने शुक्रवार रात को 11 बजे बाद राजभवन पहुंचकर इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे के साथ ही नए मुख्यमंत्री चुनने का रास्ता साफ़ हो गया।
इस्तीफे से पहले गिनाईं उपलब्धियां : देर रात उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके अपनी उपलब्धियां गिनाईं, लेकिन उन्होंने पत्रकारों के सवाल पूछने पर भी ये नहीं कहा कि मैं इस्तीफा देने जा रहा हूं। रात 9 बजकर 50 मिनट पर सचिवालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके उन्होंने सबका धन्यवाद किया और अपनी कुर्सी से उठकर चले गए। पत्रकार सवाल दागते रहे, लेकिन उन्होंने किसी का कोई जवाब नहीं दिया।
उन्होंने अपने कार्यकाल की उपलब्धियों की जानकारी दी। साथ ही कोविड महामारी के दौरान राहत कार्यों की जानकारी दी। साथ ही कहा लगभग 2000 करोड़ राहत सहायता करोड़ प्रदान करने जा रहे हैं। रोजगार देने के लिए सीधी भर्ती प्रक्रिया करेंगे। 22 हजार 340 पदों को आगामी छह माह में भरने जा रहे हैं।रावत ने बताया कि किस विभाग में कितने पद भरे जाएंगे। कक्षा 11 व 12 के विद्यार्थियों के लिए लैपटॉप प्रदान करने का निर्णय किया है। फिर कहा कि बहुत-बहुत धन्यवाद। इसके बाद कुर्सी से उठकर चले गए। इससे पहले शुक्रवार की दोपहर बाद मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा को अपना इस्तीफे देने की पेशकश की थी।
केंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर पर्यवेक्षक के रूप में शनिवार को देहरादून पहुंच रहे हैं। उनकी उपस्थिति में भाजपा विधानमंडल की बैठक की जानी है। इसमें विधानमंडल दल का नेता चुना जाना है। बैठक शनिवार को अपराह्न तीन बजे बीजेपी कार्यालय में होगी।
केन्द्रीय नेतृत्व का धन्यवाद : इस्तीफा देने के बाद रावत ने कहा कि मैंने राज्यपाल को इस्तीफा सौंप दिया है। संवैधानिक संकट के चलते इस्तीफा देना उचित समझा। उन्होंने कहा कि मैं केंद्रीय नेतृत्व का आभारी हूं। उनका धन्यवाद करना चाहूंगा कि उन्होंने एमएलए, सांसद, मंत्री और मुख्यमंत्री पद तक पहुंचाया।


























