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‘कर्म पूजा तो शरीर मंदिर की मानिंद’

टीएमयू के कॉलेज ऑफ़ पैरामेडिकल साइंसेज में योग पर हुए वर्कशॉप में बोले मुंबई के योगाचार्य डॉ. बृजेश सिंह

सुमैया विद्या विहार यूनिवर्सिटी, मुंबई के योगाचार्य डॉ. बृजेश सिंह ने टेक्नो स्ट्रेस के बारे में बताते हुए कहा, हमारे स्वास्थ्य के अनेक पहलू हैं, जिन्हें हम शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक के नाम से समझ सकते हैं। उन्होंने बताया, हम विज्ञान और तकनीक को अपनाते हुए प्रकृति से बहुत दूर हो गए हैं। अतः हमें अब संभल जाना चाहिए और वापस कुदरती चीजों की ओर लौट जाना चाहिए। डॉ. सिंह बोले, कर्म यदि पूजा है, तो शरीर एक मंदिर। हमें अपने शरीर को मंदिर की तरह साफ रखना चाहिए, जो योग और ध्यान के जरिए ही संभव है। उन्होंने बहुत सारे योगासन समझाए और कराए, जिनमें चेहरे, नेत्र और कंधों के आसन शामिल रहे। ये सभी आसन अधिक समय तक एक मुद्रा में बैठे रहने वाले लोगों के लिए अति लाभदायक हैं। डॉ. सिंह तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ़ पैरामेडिकल साइंसेज में योग कार्यशाला के समापन मौके पर अतिथि व्याख्यान दे रहे थे। इससे पूर्व कॉलेज के प्राचार्य डॉ. नवनीत कुमार ने अतिथि का स्वागत किया। अंग्रेजी की प्रवक्ता श्रीमती कंचन गुप्ता बोलीं, सेहतमंद रहने के लिए एकाग्रता जरुरी है। उन्होंने हैप्पीनेस के भी टिप्स दिए। साथ ही यह बोलीं, हमारे जीवन में पौष्टिक भोजन के साथ-साथ प्रतिदिन एक्सरसाइज भी जरुरी है। दो दिनी वर्कशॉप के दौरान डॉ. रूचि कांत, डॉ. अर्चना जैन, श्रुति सिन्हा, श्री रवि कुमार, श्री राकेश यादव, प्रियंका सिंह, श्री नवरीत बूरा के अलावा पैरामेडिकल के स्टुडेंट्स के साथ 100 से अधिक प्रतिभागी उपस्थित रहे। संचालन असिस्टेंट प्रोफेसर श्री आकाश चौहान ने किया।

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