सवर्ण समाज के ऐतिहासिक आंदोलन की शुरुआत, खून से लिखा ज्ञापन सोंपा,

बिल्सी (बदायूं): विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) एक्ट 2026 को लेकर सवर्ण समाज का आक्रोश अब सड़कों पर खुलकर दिखाई देने लगा है। इसी क्रम में बुधवार को बिल्सी में जिले के अब तक के सबसे बड़े आंदोलन की शुरुआत हुई, जिसमें हजारों की संख्या में सवर्ण समाज के लोग शामिल हुए। आंदोलन की खास बात यह रही कि इसमें बड़ी संख्या में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता और पदाधिकारी भी खुलकर शामिल नजर आए।

बुधवार अपराह्न करीब 11 बजे कछला बस स्टैंड स्थित गांधी पार्क से सवर्ण समाज के लोग एकत्रित हुए। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए प्रदर्शनकारियों ने “यूजीसी का काला कानून वापस लो”, “केंद्र सरकार होश में आओ” जैसे नारों के साथ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। रैली गांधी पार्क से शुरू होकर मुख्य बाजार, बालाजी तिराहा, अटल चौक, थाना मोड़ होते हुए तहसील परिसर पहुंची, जहां यह एक विशाल जनसभा में तब्दील हो गई।

राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा

तहसील परिसर में सवर्ण समाज के प्रतिनिधियों ने महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी प्रेमपाल सिंह को सौंपा। ज्ञापन में यूजीसी एक्ट 2026 को तत्काल वापस लेने की मांग की गई और इसे सवर्ण समाज एवं विद्यार्थियों के भविष्य के लिए घातक बताया गया।

खून से लिखा गया ज्ञापन बना चर्चा का विषय

आंदोलन के दौरान एक भावुक और चौंकाने वाला दृश्य भी सामने आया, जब सवर्ण समाज के युवा दीपक दीक्षित और सौरभ दीक्षित ने अपने खून से लिखित ज्ञापन उप जिलाधिकारी को सौंपा। युवाओं ने कहा कि यह उनके बच्चों और आने वाली पीढ़ी के भविष्य की लड़ाई है, जिसके लिए वे किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। खून से लिखा गया ज्ञापन पूरे आंदोलन का केंद्र बिंदु बना रहा और प्रशासन व सरकार तक सख्त संदेश देने का प्रयास बताया गया।

भाजपा नेताओं की मौजूदगी से बढ़ा आंदोलन का असर

इस विशाल विरोध प्रदर्शन में भाजपा नेता शैलेंद्र शर्मा, अवधेश लड्डा, अजय प्रताप सिंह, डॉ. राजा बाबू वार्ष्णेय, मनोज तोमर, मोहित गुप्ता, रजनीश शर्मा, राहुल शर्मा, जयप्रकाश ओझा, तेज प्रताप सिंह सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल रहे। उनकी मौजूदगी ने आंदोलन को और अधिक मजबूती प्रदान की।

प्रदर्शनकारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने यूजीसी एक्ट 2026 को वापस नहीं लिया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। सवर्ण समाज ने इसे सिर्फ एक शुरुआत बताते हुए आने वाले दिनों में जिले भर में बड़े स्तर पर आंदोलन की घोषणा के संकेत भी दिए।

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