बदायूं: अमिटी लॉ स्कूल, उत्तर प्रदेश की पीएच.डी. शोध छात्रा वैशाली गुप्ता ने ट्रांसजेंडर समुदाय की समस्याओं को उजागर करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बदायूं को ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन ट्रांसजेंडर समुदाय की सामाजिक, आर्थिक, और धार्मिक समस्याओं के समाधान हेतु सुझाव प्रदान करता है।


वैशाली गुप्ता ने बताया कि उन्होंने अपने पिता, श्री अरविंद कुमार गुप्ता (न्यायिक सदस्य, किशोर न्याय बोर्ड) के साथ बदायूं जिले के छह विधानसभाओं में ट्रांसजेंडर समुदाय पर आधारित सर्वेक्षण किया। इस सर्वेक्षण में 60 प्रतिभागियों के डेटा का अध्ययन किया गया, जिनमें 6 गुरु और उनके शिष्य शामिल थे।
सर्वेक्षण से सामने आईं प्रमुख समस्याएं
- शिक्षा: 60 में से केवल 3 लोग कक्षा 10 तक पढ़े हैं। उच्च शिक्षा तक पहुंच अत्यंत सीमित है।
- रोज़गार: मुख्य आय स्रोत बधाई और भिक्षा संग्रह है। औपचारिक रोजगार के अवसर नहीं मिलते।
- आवास: अधिकांश ट्रांसजेंडर कच्चे मकानों में रहते हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी सरकारी योजनाओं से जुड़ने की जरूरत है।
- पहचान पत्र की कमी: 60 में से केवल 6 व्यक्तियों के पास आधार कार्ड या पैन कार्ड हैं।
- स्वास्थ्य सेवाएं: निजी डॉक्टरों पर निर्भरता है। सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं से लाभ नहीं मिल रहा।
- सरकारी योजनाओं की जानकारी: जागरूकता के अभाव में ट्रांसजेंडर समुदाय योजनाओं का लाभ नहीं उठा पाता।
- सामाजिक और धार्मिक बाधाएं: गुरु-शिष्य परंपरा और अंधविश्वास उनकी स्वतंत्रता और विकास में बाधा डालते हैं।
- कानूनी सहायता और सुरक्षा: समुदाय अपने कानूनी अधिकारों के प्रति अनजान है।
प्रमुख सुझाव
- ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए विशेष शिक्षा और छात्रवृत्ति योजनाएं।
- रोजगार सृजन और कौशल विकास के कार्यक्रम।
- प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवासीय सुविधाएं।
- आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच।
- पहचान पत्र प्राप्ति हेतु विशेष अभियान।
- ट्रांसजेंडर समुदाय को गौशालाओं का संचालन सौंपना।
- चुनावों में सीट आरक्षण।
वैशाली गुप्ता ने उम्मीद जताई कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण इन सुझावों पर अमल करेगा। इस ज्ञापन का उद्देश्य ट्रांसजेंडर समुदाय की समस्याओं का समाधान कर उन्हें समाज की मुख्यधारा में लाना है।


























