बदायूँ।, 6 जुलाई 2022। प्रख्यात गीतकार, ग़ज़लकार डॉ. उर्मिलेश के 71 वें जन्मदिवस पर उन्हें नगर के साहित्य एवं संस्कृति प्रेमियों ने सादगी के साथ याद किया। डॉ. उर्मिलेश जनचेतना समिति के तत्वावधान में काव्य संध्या एवं पुस्तक लोकार्पण समारोह आयोजन किया गया जिसमें प्रख्यात कवि नरेन्द्र गरल की नवीन पुस्तक सीपियों में का लोकार्पण हुआ, यह पुस्तक डॉ. उर्मिलेश को समर्पित की है।












इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बिल्सी विधायक श्री हरीश शाक्य ने बदायूं क्लब में डॉ. उर्मिलेश की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किये। कार्यक्रम का सुभारम्भ उन्होंने मां सरस्तवी एवं डॉ. उर्मिलेश के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया। उन्होंने श्रद्धाजंलि देते हुये कहा कि डॉ. उर्मिलेश साहित्य एवं अपने विशेष व्यक्तित्व और साथ-साथ पूर्व में किये गये विभिन्न सामाजिक कार्यों के कारण सदैव याद किये जायेंगे, उनकी स्मृति सदैव श्रोताओं एवं पाठकों को याद रहेगीे।उनकी रचनायें आज भी हम सबको मार्ग दर्शन देती हैं ।उन्होने अपनी ओर आश्वासन दिया कि बिल्सी के काव्य गौरव रहे जनकवि भूपराम शर्मा भूप, कवि काका देवेश एवं डॉ. उर्मिलेश की स्मृति में शीघ्र कुछ स्मारकों का निमार्ण कराया जायेगा एवं आगामी दिनों में वृहद स्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित कराये जायेंगे, इस अवसर पर समिति की ओर से सभी अतिथियों एवं कवियों को मार्ल्यापण कर एवं प्रतीक चिन्ह देकर सम्मान किया गया।
डॉ. उर्मिलेश को समर्पित नरेन्द्र गरल द्वारा रचित नवीन ग़ज़ल संग्रह”सीपियों में” का विमोचन विधायक हरीश शाक्य व विशिष्ट अतिथि उपायुक्त मनरेगा राम सागर यादव एवं जिला पूर्तिअधिकारी रमन मिश्रा एवं ग़ज़लकार डॉ. कृष्ण कुमार नाज़ एवं डॉ. रामबहादुर व्यथित ने संयुक्त रुप से किया। मुरादाबाद के ग़ज़लकार डॉ. कृष्ण कुमार नाज़ ने ग़ज़ल संग्रह के खूबियों को प्रस्तुत करते हुये कहा, कि सीपियों में पुस्तक ग़ज़ल एवं कविता प्रेमियों के लिए नायाब संग्रह है । ग़ज़लकार नरेन्द्र गरल ने अपनी पुस्तक के सम्बन्ध में कहा कि यह संग्रह मेरे परममित्र डॉ. उर्मिलेश की स्मृतियों को समर्पित भावांजलि है।काव्य गोष्ठी में सरस्वती वन्दना अभिषेक अनंत ने प्रस्तुत की। मुरादाबाद के उदय अस्त ने कहा, अच्छे से समझाना होगा, अमन बेचने वालों को, चौराहे पर फांसी देदो, गला रेतने वालों को। डॉ. अक्षत अशेष ने अपने पिता डॉ. उर्मिलेश को याद करते हुये कहा, यह यहीं ही नहीं, मुझको विश्वास है, आप देते हैं आशीष मुझको सदा, मुझको आभास हरदम यह होता रहा, बीते लम्हों की यादें संजोता रहा। विशिष्ट अतिथि उपायुक्त मनरेगा रामसागर यादव ने कहा, सांझा चूल्हा, सांझा भोजन, अब वो खतिर बात नहीं, पहले जैसे दिवस नहीं अब, पहले जैसी रात नहीं। जिलापूर्ति अधिकारी रमन मिश्रा ने कहा, तुम अगर साथ दो, साध लूं मौन मैं, हाथ थामों अगर जान लूं कौन हूँ मे। डॉ.रामबहादुर व्यथित ने कहा, पूजा के ये फूल कुंवर, न्योछावर तुम पर बार-बार, अर्पित अक्षत रोली चन्दन, श्रद्धा का तर्पन बार-बार। अभिषेक अनंत ने कहा, तुम्हारी याद रखके मोतियों में, धरी श्रद्धा है हमने सीपियो में। डॉ.कृष्ण कुमार नाज़ ने कहा, आपकी सांसे मिलें तो खिल उठा पूजा वजूद, वरना मेरा क्या है, इक छोठा सा गुब्बारा हूं मैं। डॉ. निशांत असीम ने कहा, ऐ मुहब्बत हो सके तो साथ चल, नफ़रतों के क़ाफ़िले हैं दूर तक।सुरेन्द्र नाज़ ने कहा, किये जो तजुरबे हासिल ग़ज़ल की वादियों में, गरलजी ने सज़ाकर रख़ दिये सब सीपियों में।नरेन्द्र गरल ने कहा, व्यथा का सरोवर तुम्हें सौंपता हूं, कहानी मनोहर तुम्हें सौंपता हूं, बहुत दिन हुए हैं संभाले-संभाले, तुम्हारी धरोहर तुम्हें सौंपता हूं।आशीष वशिष्ठ ने कहा, यह ग़ज़ल संग्रह कहूं या आइने में ज़िन्दगानी, सीपियों में पल रहे कुछ मोतियों की है कहानी। सुवीन माहेश्वरी ने कहा, देखते ही देखते अनेक वर्ष गये बीत, उर्मिलेश जी के गीत आज भी अमर हैं। जैन इण्टर कालिज के प्रधानाचार्य श्री राजेश गुप्ता ने संग्रह के सम्बन्ध में प्रकाश डाला।अन्त में सभी का आभार व्यक्त करते हुये समिति के सचिव डॉ. अक्षत अशेष ने कहा, डॉ. उर्मिलेश ने कहाविगत 17वर्षों में डॉ. उर्मिलश की स्मृति में स्थापित अनेक समाजसेवी कार्यों एवं आयोजनों के लिए समिति की ओर वे सदैव जनपद वासियों एवं सहयोगियों के आभारी रहेंगे।जो स्वप्न डॉ. उर्मिलेश ने जनपद के सांस्कृतिक विकास के लिए देखे थे, वे समस्त कार्य पूर्ण कराये जायेंगे।इस अवसरआचार्य गुरुचरण मिश्रा, दीपक सक्सेना, डॉ विभोर पाराशर ,प्रदीप शर्मा, नीरज माहेश्वरी, संजय रस्तोगी,आलोक पाठक, राहुलचौबे, डॉ. विजय बिन्दू, प्रपंच जौहरी, शम्स बदायूंनी, सौरभ शंखधार, सुमित मिश्रा, नितिन गुप्ता, ब्रजेश मिश्रा, पंकज शर्मा, नितेश वार्ष्णेय,विभोर शर्मा, रजनीश शर्मा, इकबाल असलम, सुमित गुप्ता, तेजस्वी जौहरी, आदि उपस्थित रहे।


























