बदायूं। श्रावण मास के द्वितीय सोमवार, प्रदोष एवं शिवतेरस के पावन अवसर पर शहर के मढ़ई चौक स्थित चाहमीर मोहल्ले के प्राचीन लिंगेश्वर नाथ महादेव मंदिर में भगवान भोलेनाथ का फूलों एवं फलों से भव्य और दिव्य श्रृंगार किया गया। विशेष पूजन-अर्चन के बाद भगवान शिव की विधि-विधान से आरती उतारी गई और फल एवं मिठाई का भोग अर्पित किया गया। इस दौरान मंदिर परिसर में गूंजते ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से पूरा वातावरण शिवमय हो उठा।
श्रावण मास के द्वितीय सोमवार के अवसर पर प्रातःकाल से ही मंदिर में शिवभक्तों का पहुंचना शुरू हो गया था। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान लिंगेश्वर नाथ महादेव का जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, पुष्प एवं फलों से अभिषेक कर पूजा-अर्चना की। भक्तों ने भगवान भोलेनाथ से परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और सभी के कल्याण की कामना की।
फूलों और फलों से हुआ आकर्षक श्रृंगार
इस पावन अवसर पर योग्यता रस्तोगी एवं उनके परिवार की ओर से भगवान लिंगेश्वर नाथ महादेव का फूलों एवं विभिन्न फलों से आकर्षक श्रृंगार कराया गया। रंग-बिरंगे पुष्पों और फलों से सजे भगवान शिव के स्वरूप ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। श्रृंगार के दर्शन के लिए मंदिर में भक्तों की भीड़ लगी रही।
पूजन के उपरांत मंदिर में विशेष आरती का आयोजन किया गया। आरती के समय बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और भक्तिमय वातावरण में सभी ने भगवान शिव की आराधना की।
एक लोटा जल से प्रसन्न होते हैं भोलेनाथ: महंत धनीराम मिश्रा
मंदिर के महंत पंडित धनीराम मिश्रा ने कहा कि भगवान भोलेनाथ अपने भक्तों से विशेष आडंबर की अपेक्षा नहीं रखते और श्रद्धा से अर्पित किया गया एक लोटा जल भी उन्हें प्रिय है। उन्होंने कहा कि सावन में भगवान शिव के जलाभिषेक का विशेष महत्व माना जाता है।
महंत ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कालसर्प दोष एवं शनि दोष जैसे ग्रह संबंधी कष्टों की शांति के लिए भगवान शिव का पंचामृत से अभिषेक कर चंदन, पुष्प एवं फलों से श्रृंगार करने का विशेष महत्व है। उन्होंने श्रद्धालुओं से भगवान शिव की आराधना श्रद्धा और आस्था के साथ करने का आह्वान किया।
श्रावण के द्वितीय सोमवार और शिवतेरस के इस विशेष अवसर पर मंदिर में दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। भक्तों ने भगवान भोलेनाथ का दर्शन कर प्रसाद ग्रहण किया।इस अवसर पर राजकुमार सिंह सेंगर, रवि रस्तोगी, प्रियांशु मिश्रा, संजय रस्तोगी सहित बड़ी संख्या में शिवभक्त मौजूद रहे। मंदिर परिसर में देर तक भक्ति और आस्था का माहौल बना रहा।















