आसमान से गिरी बर्फ की आधा क्विंटल की सिल्ली, ईंट-भट्ठे के मजदूर बाल-बाल बचे





बिल्सी (बदायूं)। कस्बे के बाबा ईंट उद्योग ईंट-भट्ठे पर रविवार सुबह जो हादसा हुआ, वह किसी फिल्मी सीन से कम नहीं दिखा। बिना बारिश, बिना बादल, बिना ठंड… अचानक आसमान से करीब 50 किलो वजन की बर्फ की सिल्ली जोरदार धमाके के साथ गिरी जिसकी चपेट मे आने से आसपास कार्य कर रहे मजदूर बाल-बाल बच गए।
एक पल को मजदूरों को लगा कि शायद कोई उल्का का टुकड़ा गिरा है। लेकिन जब उन्होंने पास जाकर देखा तो सामने थी –बर्फ की एक विशाल जमी हुई सिल्ली, जिसके टुकड़े दूर-दूर तक बिखरे पड़े थे।
मजदूरों की आंखों देखा हाल
ईंटें पाथ रहे मजदूर नंदिनी, पूनम, सोमेंद्र, संगीता, अभिषेक ने बताया “अगर हम सिर्फ 5-7 कदम भी और आगे होते, तो ये सिल्ली हम पर गिरकर बड़ा हादसा कर सकती थी। धमाका इतना तेज था कि हम सब डर गए।”घटना की खबर फैलते ही स्थानीय लोग भट्ठे पर पहुंच गए और बर्फ की सिल्ली को देखने का हुजूम लग गया।
सवाल -आखिर ये बर्फ आई कहां से?
क्या प्लेन ने गिराई… या कुदरत का खेल? घटना ने सभी को चौंका दिया है।अलग-अलग एक्सपर्ट्स ने इस पर अपनी राय दी है — और हर किसी की राय अलग है
एक्सपर्ट क्या कहते हैं?
मौसम विभाग “इस मौसम में ओले नहीं गिरते संभव है यह प्लेन का वेस्ट गिरा हो” इस इलाके मे बर्फ गिरने की संभावना नहीं।फिर भी जांच होनी चाहिए कि यह किसी एयरप्लेन से तो नहीं आया।”
मौसम विशेषज्ञ – “ऊंचाई पर बूंदों के जमने से भी बन सकती है बर्फ”
एयरपोर्ट अधिकारी – “फ्लाइट से इस तरह बर्फ नहीं गिरती”
अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा “फ्लाइट से इतनी बड़ी बर्फ की सिल्ली गिरना टेक्निकली लगभग असंभव!है। जांच जरूरी है”
भूगोल प्रोफेसर- “संभव है फ्लाइट से वेस्ट गिरा हो… फिर भी जांच जरूरी ”
प्रोफेसर के अनुसार-“दो परतों के तापमान में भारी अंतर होने पर बर्फ-ओले गिरते हैं। लेकिन इतना बड़ा टुकड़ा गिरना सामान्य नहीं है। संभव है किसी फ्लाइट से वेस्ट ड्रॉप हुआ हो।”यानी मामला कुदरत बनाम एयरप्लेन– दोनों ही शक बराबरी के साथ।
पुलिस भी जांच में जुटी इंस्पेक्टर बोले ‘कुदरत का करिश्मा’, SDM बोले ‘फैक्ट ढूंढेंगे’
घटना की जानकारी पर मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने बर्फ के नमूने इकट्ठे किए। इंस्पेक्टर क्राइम बी.के. मौर्य ने कहा-“यह कुदरत का करिश्मा भी हो सकता है। फिर भी इसकी जांच कराई जाएगी।”
SDM प्रेमपाल सिंह ने कहा—“सीनियर अफसरों को सूचना दे दी है। वैज्ञानिक तरीके से जांच होगी।”
प्रत्यक्षदर्शी वीर सिंह ने क्या बताया?
मैं परिवार के साथ भट्ठे पर काम कर रहा था। अचानक ऊपर से धमाका हुआ और मेरे पास बर्फ की बड़ी सिल्ली गिर पड़ी। उसके टुकड़े दूर-दूर तक बिखर गए। नंदनी, सोमेन्द्र, काजल, पूनम और संगीता वहीं काम कर रहे थे -सब बाल-बाल बचे।
सच्चाई क्या है ? -स्वदेश केसरी रिपोर्ट की पड़ताल
बिल्सी में इस मौसम में बर्फ गिरने की संभावना लगभग शून्य है।
ऐसे में दो प्रमुख शक खड़े होते हैं—
शक नं. 1 – एयरप्लेन आइस (Blue Ice या Waste Ice)
कई बार फ्लाइट के वॉशरूम या कूलिंग सिस्टम में जमी बर्फ ऊंचाई पर जमती है और अचानक नीचे गिर जाती है।
इसे दुनिया में “एयरक्राफ्ट आइस फॉल” कहा जाता है।भारत में भी ऐसी घटनाएं पहले दर्ज हो चुकी हैं।
शक नं. 2 – ऊंचाई पर असामान्य तापमान गिरना
ऊपर के मौसम में तेज उतार-चढ़ाव से भी बर्फ का टुकड़ा बनता है, लेकिन इतना बड़ा आकार बनना बहुत ही दुर्लभ है।दोनों संभावनाएं जांच के बाद ही साफ होंगी।


























