इलाहबाद से अर्पित शर्मा बदायूं से प्रदीप कुमार शर्मा और बिल्सी से ललित मोहन वार्ष्णेय की रिपोर्ट
इलाहाबाद/बदायूं। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय, बदायूं के आदेश पर बिल्सी थाने में उच्च न्यायालय इलाहाबाद के दो अधिवक्ताओं के खिलाफ जमानत में टालमटोल करने और दबाब बनाकर 35 लाख रुपये की मांग करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है।
मोहल्ला नंबर 4, बिल्सी निवासी आले नबी ने अदालत में दायर प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि उनका पुत्र अदनान वर्ष 2024 से दुष्कर्म के मामले में जिला कारागार में निरुद्ध है। उसकी जमानत प्रार्थना पत्र उच्च न्यायालय इलाहाबाद में लंबित है। पैरवी के लिए नियुक्त अधिवक्ता सुधांशु कुमार गौर हरि और उनके साथी अधिवक्ता ओम उपाध्याय ने जमानत कराने के एवज में 35 लाख रुपये की मांग की।
आरोप है कि रुपये न देने पर अधिवक्ता जमानत याचिका पर सुनवाई में बार-बार देरी करते रहे। पीड़ित ने इस संबंध में हुई बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी अदालत में प्रस्तुत की, जिसकी फोरेंसिक जांच कराई गई है।
अदालत ने गंभीरता को देखते हुए थाना बिल्सी को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। इसके बाद पुलिस ने धारा 384 आईपीसी और 67 आईटी एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत कर दोनों अधिवक्ताओं के खिलाफ पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी है।


























