बेंगलुरु22 मिनट पहले
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इसरो चीफ एस सोमनाथ का कार्यकाल में ही भारत ने चंद्रयान-3 (23 अगस्त 2023) और आदित्य-L1 (2 सितंबर 2023) लॉन्च किए।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (ISRO) प्रमुख एस सोमनाथ (60) को कैंसर होने का पता चला है। सोमनाथ ने एक मीडिया हाउस को दिए इंटरव्यू में इस बात को कन्फर्म किया है।
सोमनाथ ने कहा कि चंद्रयान-3 की लॉन्चिंग (23 अगस्त) के समय से स्वास्थ्य को लेकर कुछ परेशानियां आ रही थीं। हालांकि उस समय कुछ भी क्लियर नहीं था। मुझे भी इसे (कैंसर) लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं थी।
ISRO चीफ ने ये भी कहा कि आदित्य-L1 की लॉन्चिंग (2 सितंबर) के दिन रूटीन चेकअप के गया तो स्कैन में पेट में कैंसर कोशिकाओं में ग्रोथ का पता चला। सोमनाथ का ऑपरेशन हो चुका है। कीमोथेरेपी भी हुई।
एस सोमनाथ के कार्यकाल में ISRO ने इतिहास रचा। भारतीय अंतरिक्ष संस्थान ने न केवल चांद के साउथ पोल पर सफलतापूर्वक चंद्रयान-3 की लैंडिंग कराई, बल्कि धरती से 15 लाख किमी दूर स्थित लैगरेंज पॉइंट पर सूर्य के अध्ययन के लिए आदित्य-L1 लॉन्च किया।

23 अगस्त 2023 को चंद्रयान-3 की लॉन्चिंग हुई थी। तब मोदी साउथ अफ्रीका-ग्रीस के दौरे पर थे। 26 अगस्त को पीएम सुबह 7:30 बजे ISRO कमांड सेंटर पहुंचे और एस सोमनाथ को बधाई दी।
परिवार के लिए सदमा, अब ट्रीटमेंट ले रहा हूं- सोमनाथ
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब सोमनाथ को बीमारी का पता चला तो चेन्नई में कुछ और टेस्ट कराए। इसके बाद पूरी तरह से कैंसर कन्फर्म हो गया। इसके चलते उनके शरीर में कुछ बदलाव भी दिखने लगे थे।
सोमनाथ ने बताया- कैंसर का पता लगना परिवार के लिए शॉकिंग था। फिलहाल बीमारी को समझ रहा हूं और इलाज ले रहा हूं। पूरी तरह से कब तक ठीक हो जाऊंगा, ये कहना मुश्किल है।
जानकारी के मुताबिक, इसरो चीफ चार दिन अस्पताल में रहे, पांचवें दिन ऑफिस जॉइन कर लिया। उनके रेगुलर चेकअप और स्कैन चलते रहेंगे।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 फरवरी को केरल के तिरुवनंतपुरम स्थित विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर (VSSC) पहुंचे थे। उनके साथ ISRO चीफ एस सोमनाथ भी मौजूद थे। प्रधानमंत्री ने यहां लगभग 1800 करोड़ रुपए के तीन स्पेस इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और देश के पहले मैन्ड स्पेस मिशन गगनयान का रिव्यू किया।
प्रधानमंत्री ने गगनयान मिशन पर भेजे जाने वाले एस्ट्रोनॉट्स के नामों का ऐलान भी किया और उन्हें एस्ट्रोनॉट विंग्स दिए। जिन एस्ट्रोनॉट्स को गगनयान मिशन पर भेजा जाएगा, उनमें- ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालकृष्णन नायर, ग्रुप कैप्टन अजीत कृष्णन, ग्रुप कैप्टन अंगद प्रताप और विंग कमांडर शुभांशु शुक्ला शामिल हैं। पूरी खबर पढ़ें…
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 26 अगस्त सुबह ISRO के कमांड सेंटर में चंद्रयान-3 टीम के वैज्ञानिकों से मिले। यहां उन्होंने 3 घोषणाएं कीं। पहली- 23 अगस्त को हर साल भारत नेशनल स्पेस डे मनाएगा। दूसरा- चांद पर लैंडर जिस जगह उतरा, वह जगह शिव-शक्ति पॉइंट कहलाएगी। तीसरी- चांद पर जिस जगह चंद्रयान-2 के पद चिन्ह हैं, उस पॉइंट का नाम ‘तिरंगा’ होगा।
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