10 मिनट पहले
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चुनाव आयोग ने गुरुवार (14 मार्च) को इलेक्टोरल बॉन्ड का डेटा अपनी वेबसाइट पर जारी कर दिया। वेबसाइट पर 763 पेजों की दो लिस्ट अपलोड की गई हैं। एक लिस्ट में बॉन्ड खरीदने वालों की जानकारी है। दूसरी में राजनीतिक दलों को मिले बॉन्ड की डिटेल है। दोनों लिस्ट में बॉन्ड खरीदने वालों और इन्हें इनकैश कराने वालों के तो नाम हैं, लेकिन यह पता नहीं चलता कि किसने यह पैसा किस पार्टी को दिया।
- इस बीच सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि पुलवामा हमले के बाद पाकिस्तान की एक Hub Power Company ने इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदे थे।
- दावा यह भी किया गया कि यह चंदा भारतीय जनता पार्टी को दिया गया।
समाजवादी पार्टी से जुड़े वेरिफाइड एक्स यूजर कुलदीप यादव ने ट्वीट किया- शहीदों के नाम पर बीजेपी का चंदा। साथ ही सवाल किया- एक पाकिस्तानी कंपनी से आखिर चंदा क्यों लिया, अब पता चला पुलवामा हमले की जांच क्यों नहीं हुई। नहीं चाहिए भाजपा। (अर्काइव लिंक)
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पेशे से खुद को फैशन डिजाइनर बताने वाली प्रियंका देशमुख ने अपने ट्वीट में लिखा- पाकिस्तानी Hub Power Company ने पुलवामा के 2 महीने बाद भाजपा को करोड़ों का चंदा दिया। (अर्काइव लिंक)
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वेरिफाइड एक्स यूजर अंकित मयंक ने लिखा- शॉकिंग खुलासा, पाकिस्तानी हब पावर कंपनी ने पुलवामा हमले के कुछ सप्ताह बाद चुनावी बॉन्ड डोनेट किए ! (अर्काइव लिंक)
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खबर लिखे जाने तक अंकित की पोस्ट को 18 हजार से ज्यादा लोग लाइक कर चुके हैं। वहीं, पोस्ट को 8 हजार बार रीट्वीट किया गया है।
वहीं, कांग्रेस पार्टी से जुड़े एक्स यूजर SayantaniI ने ट्वीट करके पूछा- क्या ये सच है पाकिस्तानी HUB POWER COMPANY ने बीजेपी को पुलवामा हमले के बाद चंदा दिया था? (अर्काइव लिंक)
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समाजवादी पार्टी से जुड़े संतोष कुमार यादव ने ट्वीट किया- पाकिस्तानी Hub Power Company ने साल 2019 चुनाव के समय अप्रैल में BJP को 95 लाख रुपए चंदा दिया! इसी समय पुलवामा में अटैक भी हुआ था। पाकिस्तानी कंपनियों से भाजपा को इतना प्यार क्यों? (अर्काइव लिंक)
देखें ट्वीट:
वायरल होते इस दावे की पड़ताल के लिए हमने SBI के चुनावी बांड योजना – 2018 से जुड़े पूछे जाने वाले प्रश्न सेक्शन को देखा।
इसमें प्रश्न क्रमांक 4 में सवाल था- चुनावी बॉन्ड कौन खरीद सकता है और इससे जुड़ी पात्रता क्या है ?
इसका जवाब है– भारत का नागरिक या भारत में निगमित (INCORPORATED) कोई निकाय (BODY) इसे खरीदने के लिए पात्र होगा।
देखें स्क्रीनशॉट-

यहां, Date of Purchase: 18/April/2019 और Purchaser Name : HUB POWER COMPANY देखकर एक बात स्पष्ट होती है कि जिस HUB POWER COMPANY की बात की जा रही है वो पाकिस्तानी नहीं बल्कि भारतीय कंपनी है।
- जांच के दौरान हमने GST पोर्टल पर HUB POWER COMPANY कंपनी से जुड़ी डिटेल्स को खंगाला तो पता चला कि यह दिल्ली की एक कंपनी है।
- कंपनी की रजिस्ट्रेशन डेट- 12/11/2018 है। वहीं, GST पोर्टल पर दी गई जानकारी के मुताबिक यह कंपनी रवि मेहरा के नाम पर रजिस्टर्ड है।
- कंपनी का GST नंबर 07BWNPM0985J1ZX है। यह कंपनी LED लाइट्स से जुड़ा काम करती है, इंडियामार्ट वेबसाइट पर कंपनी को GST नंबर से सर्च करने पर हमें इससे जुड़ी जानकारी मिली।
देखें स्क्रीनशॉट-

स्पष्ट है कि पाकिस्तानी कंपनी के इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदने का मामला पूरी तरह से गलत और भ्रामक है। जिस कंपनी हब पावर कंपनी की बात की जा रही है वो दिल्ली की है।
वहीं यह कहना भी गलत है कि चंदा भाजपा को दिया गया क्योंकि SBI से जारी लिस्ट में बॉन्ड खरीदने वालों और इन्हें इनकैश कराने वालों के तो नाम हैं, लेकिन यह पता नहीं चलता कि किसने यह पैसा किस पार्टी को दिया है।
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