
संत विदेह नंदनी शरण महाराज के अंतिम दर्शन को उमड़े लोग
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बदायूं के सोई आश्रम के संत विदेह नंदनी शरण महाराज का शनिवार सुबह बरेली में उपचार के दौरान निधन हो गया। वह 75 साल के थे। पिछले कई दिन से उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं चल रहा था। पांच दिन पहले अचानक उनकी हालत बिगड़ गई, जिससे उनके शिष्य उन्हें मुरादाबाद ले गए। हालत में सुधार न होने पर उन्हें बरेली के रुहेलखंड मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था, जहां सुबह करीब पांच बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
विदेह नंदनी शराण महाराज मूलरूप से मदनापुर के निवासी थे। उनके शिष्यों के मुताबिक महाराज वर्ष 1965 में सोई आए थे। यहां उन्होंने आश्रम का निर्माण कराया था। वह सुबह शाम भगवान के ध्यान में लीन रहते थे। इसके लिए उन्होंने आश्रम में एक गुफा का भी निर्माण करवाया था, जिससे वह एकांत में बैठकर ध्यान कर सकें। धीरे-धीरे लोग उनसे जुड़ते चले गए। वर्तमान समय में उनके हजारों शिष्य हैं। उनमें कई मंत्री, विधायक और अधिकारी शामिल हैं। उनकी शरण में जो भी व्यक्ति आया, वह कभी खाली हाथ नहीं गया।
जब सुबह उनके निधन का समाचार सुना तो लोगों ने उनके आश्रम पर पहुंचना शुरू कर दिया। सुबह 11 बजे तक आश्रम में हजारों भक्त पहुंच गए। माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाबो देवी, शहर विधायक महेश चंद्र गुप्ता समेत कई नेता पहुंच गए। थानों की पुलिस भी पहुंच गई। उनके पार्थिव शरीर को बरेली से आश्रम पर लाया गया। दोपहर बाद उनके शिष्य उन्हें अयोध्या ले गए। वहीं उन्हें समाधि दी जाएगी। उनके शिष्य संत शरण महाराज ने बताया कि महाराज जी का तीन-चार दिन से स्वास्थ्य ज्यादा खराब था। इससे उन्हें बरेली भर्ती कराया गया था। अब उन्हें अयोध्या में समाधि दी जाएगी।

























