लखनऊ27 मिनट पहले
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अपने इरादों को इतना मजबूत रखना कि दिव्यांग से दिव्य बन जाओ। उन तमाम दिव्यांगों के लिए इक मिसाल बन जाओ, जो निराशा के सागर में डूब जाते हैं। इन लाइनों को लखनऊ के दिव्यांग विनोद साकार करते हैं।
बचपन से दोनों पैरों से कमजोर विनोद ने इंटर तक पढ़ाई की।

























