बरेली। साक्षी,”मैं अब जीना नहीं चाहती, रोना नहीं चाहती हूं, इस जिंदगी ने बहुत दर्द दिया है, मुझे रोना आता है ऐसा जी करता है कि
मैं दिन भर रोऊं। मेरी जिंदगी तबाह हो गई है, मैं अपना दुख और जिंदगी के बारे में बता न सकूं।” ये बातें बरेली की शायरा साक्षी ने अपने सुसाइड नोट में लिखी हैं। बुधवार को वह 2 पन्नों का सुसाइड नोट लिखकर फंदे से लटक गई। साक्षी पीलीभीत की रहने वाली है। वह मुरादाबाद के एक शायर के साथ मंच शेयर करती थी। दोनों के बीच अफेयर की भी बात सामने आई है। वहीं, साक्षी की बहन का कहना है कि शायर उस पर शादी का दबाव बना रहा था।साक्षी दास ने दो पन्नों के सुसाइड नोट में लिखा है।

पांच साल पहले हो चुका है साक्षी का तलाक
पीलीभीत के जिला अस्पताल के पास रहने वाली साक्षी दास 25 साल की थी। उसकी शादी 6 साल पहले पीलीभीत के राहुल के साथ हुई थी। मगर, शादी के 1 साल बाद ही राहुल से उसका तलाक भी हो गया था। इसके बाद साक्षी ने पीलीभीत में एक डॉक्टर के यहां काम किया। इसके बाद वह पिछले कुछ समय से बरेली में रहने लगी थी। उसके पिता पीलीभीत अस्पताल में माली के पद पर थे और नवंबर-2023 में उनकी मौत हो चुकी है।
‘मेरी बहन को टॉर्चर कर रहा था’
साक्षी दास की छोटी बहन दीपाक्षी ने बताया, “मेरे पिता की 2 महीने पहले हार्ट अटैक से मौत हो चुकी है। साक्षी चार बहन एक भाई में सबसे बड़ी थी, वह मुरादाबाद के एक शायर के साथ मंच पर गज़ल और शायरी पड़ती थी।यह शायर पहले से ही तीन बच्चों का पिता है इसके बाबजूद मेरी बहिन पर लगातार शादी के लिए दबाब बना रहा था, बहन ने कई बार यह बात बताई थी,कि मेरी उम्र से उसकी उम्र बहुत ज्यादा है, शादी न करने के चलते वह उन्हें टॉर्चर करता था।”

साक्षी दास की छोटी बहन दीपाक्षी (पीली जैकेट में) ने बताया कि बहन बहुत परेशान रहती थी।
पीलीभीत के महोफ कॉलोनी थाना दियोरिया निवासी साक्षी चौहान बारादरी थाना क्षेत्र की सनराइज कॉलोनी के मकान में अकेली रहती थीं। वह एक डॉक्टर के क्लीनिक में काम करती थीं। मंगलवार दोपहर वह कमरे में थीं। शाम तक बाहर न आने पर मकान मालिक ने दरवाजा खटखटाया।आवाज न आने पर उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने किसी तरह अंदर जाकर शव को फंदे से उतारा। मौके से सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। इसमें साक्षी ने खुद को मौत का जिम्मेदार बताया है। पुलिस ने उसके परिजनों को सूचना देकर बुलाया ।इंस्पेक्टर अमित पांडेय ने बताया कि परिवार ने कोई तहरीर नहीं दी है।तहरीर के आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी।
पापा होते तो मेरी बहन की जान नहीं जाती
वहीं शायर साक्षीदास की छोटी बहन ने कहा,”पापा की डेथ के बाद पूरा परिवार सदमे से भी नहीं उभर पाया है। अब बड़ी बहन की भी जान चली गई। छोटी बहन और भाई ने बिलखते हुए कहा कि मेरे पापा जिंदा होते तो मेरी बहन की जान नहीं जाती,कुछ समय से बहन तनाव में थी। और वह कहती थी कि वह मुझसे दोगुनी उम्र का है और मुझ पर शादी का दबाव बना रहा है।” “तीन बच्चों का बाप है, मैं अपनी जिंदगी कियूं बर्बाद कर लूं,आखिर कैसे उसे शादी के लिए हां कर दूं। साक्षी की छोटी बहन और भाई ने कहा कि हमने तो आज तक पुलिस का थाना भी नहीं देखा। पहली बार पुलिस की कॉल आई और कहा कि आप बरेली आ जाइए, आपकी बहन की मौत हो चुकी है।”

























