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- एकनाथ शिंदे उद्धव ठाकरे; महाराष्ट्र शिव सेना विधायक अयोग्यता मामला | देवेन्द्र फड़नवीस
मुंबई10 मिनट पहले
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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे समेत 16 विधायकों की अयोग्यता को लेकर विधानसभा स्पीकर राहुल नार्वेकर कल फैसला करेंगे।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उनके समूह के 16 विधायकों अयोग्यता पर, कल 10 जनवरी को विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर फैसला करेंगे। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक, शिवसेना के दोनों गुटों के विधायकों की सुनवाई पूरी कर ली है और फैसले की तैयारी कर ली है। इसे रिव्यू के लिए कानून के एक्सपर्ट्स के पास भेजा गया है।
इससे पहले महाराष्ट्र के डिप्टी CM देवेंद्र फडणवीस ने आज मंगलवार (9 जनवरी) को कहा है कि स्पीकर का चाहे जो भी फैसला हो, हमारी सरकार स्थिर रहेगी। हमारा अलायंस कानूनी रूप से वैध है और हमें उम्मीद है कि स्पीकर का फैसला भी हमारे पक्ष में ही आएगा।
उधर, स्पीकर नार्वेकर ने अपने फैसले सुनाने की डेडलाइन से पहले महाराष्ट्र CM एकनाथ शिंदे से दो बार मुलाकात की है। इसे लेकर पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जज ने आरोपियों से दो बार मुलाकात की, इससे जनता समझ चुकी है कि कल फैसला क्या होगा। इस मुलाकात पर आपत्ति जताते हुए ठाकरे समूह ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर किया है।
राहुल नार्वेकर और मुख्यमंत्री शिंदे की मुलाकात को लेकर शरद पवार ने कहा कि इस मुलाकात से संदेह पैदा होता है। शरद पवार ने नार्वेकर को सलाह दी है कि राहुल नार्वेकर को अपनी छवि का ध्यान रखना चाहिए।

एकनाथ शिंदे ने 7 जनवरी 2024 को ‘वर्षा’ बंगले पर राहुल नार्वेकर से मुलाकात की। इससे पहले 18 अक्टूबर 2023 को दोनों के बीच एक सीक्रेट मीटिंग हुई थी।
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विकल्प 1: अगर शिंदेसेना अयोग्य घोषित हो
मुख्यमंत्री शिंदे को तुरंत इस्तीफा देना होगा। तकनीकी तौर पर सरकार गिर जायेगी। हालांकि, अजित पवार के NCP गुट के पास बहुमत से ज्यादा विधायक होने के कारण महायुति सरकार दोबारा आएगी, लेकिन मुख्यमंत्री कोई और होगा। अयोग्य ठहराए गए शिंदे दोबारा शपथ नहीं ले पाएंगे।
विकल्प 2: अगर शिंदे सेना योग्य घोषित हो
शिंदे की सरकार कायम रहेगी। ठाकरे समूह ने पहले 16 विधायकों और बाद में 24 विधायकों को नोटिस जारी किया था। इसलिए यह फैसला सभी 40 विधायकों पर लागू होगा। अजित पवार गुट के विधायक अयोग्यता मामले में भी इसी तर्ज पर फैसला आने की संभावना है।
विकल्प 3: किसी को भी अयोग्य नहीं ठहराया जाएगा
शिवसेना ने 2018 में संविधान बदला, लेकिन नहीं मिलने की बात कहकर चुनाव आयोग ने जन प्रतिनिधियों के बहुमत के बल पर शिंदे को पार्टी और सिंबल सौंप दिया। विधानसभा अध्यक्ष कह सकते हैं कि इस आधार पर किसी को अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता। लेकिन ऐसा होने की संभावना कम है।

फैसले के खिलाफ कोर्ट का सहारा लिया जा सकता है
दोनों गुटों के पास एक-दूसरे के खिलाफ याचिकाएं हैं, इसलिए अगर शिंदे समूह योग्य है, तो ठाकरे समूह अयोग्य हो जाएगा, और अगर शिंदे अयोग्य हो जाता है, तो ठाकरे के विधायक योग्य माने जाएंगे। विधानसभा भंग होने तक अयोग्य विधायकों के पद भी रद्द किए जाएंगे।
ये विधायक 2024 का चुनाव लड़ सकते हैं। अगर ठाकरे या शिंदे गुट को विधानसभा अध्यक्ष का निर्णय स्वीकार्य नहीं है, तो दोनों समूह 30 दिन के अंदर हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकते हैं। अगर कोर्ट इस फैसले पर रोक लगाता है तो याचिकाकर्ताओं को राहत मिलेगी। लेकिन राष्ट्रपति के फैसले पर रोक लगवाना भी चुनौतीपूर्ण है।
नार्वेकर क्या करेंगे?
कोर्ट ने साफ किया था कि शिंदे ग्रुप के व्हिप भरत गोगावले की नियुक्ति अवैध थी। अब अगर विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर शिंदे गुट को वैध बनाना चाहते हैं तो उन्हें गोगावले के व्हिप को वैध बनाना होगा। इसलिए यह जरूरी है कि वे इसे कानूनी दायरे में रखकर सरकार को उसके मन मुताबिक फैसला देते हैं या ठाकरे की मांग को स्वीकार करते हैं।
क्या होगा ठाकरे पर असर
अगर एकनाथ शिंदे अयोग्य करार दिए गए तो अब तक पराजित रहे ठाकरे ग्रुप की ताकत बढ़ सकती है। अगर शिंदे योग्य हो गए तो ठाकरे के और सिपाही भी कैंप छोड़ सकते हैं।
क्या होगा शिंदे पर असर
एकनाथ शिंदे ने शिवसेना में बगावत कर के मुख्यमंत्री पद हासिल किया, अगर वह योग्य हैं तो उनका नेतृत्व बढ़ेगा। अयोग्य ठहराए जाने पर करियर संकट में आ सकता है।

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