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भ्रष्टाचार पर नकेल अब नहीं चलेगा खेल,योगी आदित्यनाथ का एक और बड़ा फैसला,

  • लेखपालों की उपस्थिति रोजाना अनिवार्य
  • लेखपालों के फोन नंबर भी तहसील कार्यालय में लगाएं
  • हर हाल में बनवा कर दिए जाएं प्रमाण पत्र
  • अब घर के आसपास ही रजिस्ट्री की सुविधा
  • नए उप निबंधक ऑफिस खोलने की तैयारी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में पुलिस भर्ती की प्रक्रिया को भ्रष्टाचार से मुक्त रखने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने सख्त कार्रवाई की तैयारी की गई है। ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र बनवाने के लिए वसूली की शिकायतों को सरकार ने गंभीरता से लिया है। इन शिकायतों की सुनवाई के लिए हर तहसील में नोडल अफसर तैनात किए जाएंगे। इस बाबत अपर मुख्य सचिव राजस्व सुधीर गर्ग ने सभी डीएम को निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्होंने कहा है कि वसूली की शिकायत आती है तो उसकी जांच करके जिम्मेदार अफसर और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। प्रदेश में यूपी पुलिस भर्ती की प्रक्रिया को आम चुनाव से पहले बेहतर तरीके से पूरा कराने की योजना पर काम चल रहा है।

इन दिनों पुलिस भर्ती चल रही है। इसके लिए ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र बनवाने के लिए तहसीलों में भीड़ जुट रही है। यह भी शिकायतें आ रही थीं कि प्रमाणपत्र बनाने के लिए गिरोह सक्रिय हो गया है। दलालों के जरिए प्रमाणपत्र बनाए जा रहे हैं। इसके एवज में खूब अवैध वसूली भी हो रही है। इन शिकायतों को संज्ञान में लेकर ही सुधीर गर्ग ने सभी डीएम को सख्त आदेश जारी किए हैं। इन निर्देशों में कहा गया है कि आवेदकों को ईडब्ल्यूएस सहित अन्य प्रमाणपत्रों को बनवाने में दिक्कतें आ रही हैं। वसूली की भी शिकायतें मिली हैं।

सुधीर गर्ग ने निर्देश दिए हैं कि तहसीलों में लेखपालों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। उनके फोन नंबर भी चस्पा किए जाएं। अभ्यर्थियों को किसी तरह की असुविधा न हो। साथ ही प्रमाणपत्र बनवाने में आ रही मुश्किलों को देखते हुए हर तहसील में एक नोडल अधिकारी नामित किया जाए। वह कठिनाइयों को दूर करने के साथ ही शिकायतों की भी सुनवाई करे। यदि अवैध वसूली पाई जाती है तो जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए।

लेखपालों की उपस्थिति रोजाना अनिवार्य
शासनादेश में कहा गया है कि यूपी पुलिस भर्ती की घोषणा के बाद ईडब्ल्यूएस और अन्य जाति प्रमाण पत्र बनवाने की मांग बढ़ गई है. ऐसी जानकारी सामने आई है कि आवेदकों को प्रमाण पत्र बनवाने के लिए चक्कर लगाने पड़ रहे हैं. आवेदनों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो रही है इसलिए दलालों के सक्रिय होने और अवैध वसूली की शिकायतें भी आई हैं. इसलिए यूपी पुलिस भर्ती के मद्देनज़र सभी तरह के सर्टिफिकेट को बनाने के लिए लेखपालों की उपस्थिति रोजाना अनिवार्य की जाए. इसके अलावा लेखपालों के फोन नंबर भी तहसील कार्यालय में लगाए जाएं, जिससे उनसे संपर्क किया जा सके. किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

हर हाल में बनवा कर दिए जाएं प्रमाण पत्र
पुलिस भर्ती के आवेदन की लास्ट डेट से पहले प्रमाण पत्र बनवा कर दिए जाएं. इस बात का भी ध्यान रखना है कि किसी भी आवेदक से किसी भी तरह की अवैध वसूली नहीं की जाए. हर तहसील में एक नोडल अधिकारी भी नामित किया जाए, जो प्रमाण पत्रों को बनवाने में आने वाली कठिनाइयों को दूर करते हुए अवैध वसूली से संबंधित शिकायतों का भी समय से हल करे. अगर अवैध वसूली संबंधी शिकायतें मिलती हैं तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ जांच कर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए.

लखनऊ: सीएम योगी आदित्यनाथ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कड़े फैसले ले रहे हैं। भ्रष्टाचार और घूसघोरी को रोकने के लिए योगी आदित्यनाथ ने एक और बड़ा फैसला लिया है। अब उत्तर प्रदेश वासियों को घर के आसपास ही रजिस्ट्री की सुविधा मिल जाएगा। इसके लिए योगी सरकार नए उप निबंधक ऑफिस खोलने की तैयारी कर रही है। साथ ही ऑनलाइन रजिस्ट्री की भी सुविधा मिलने लगेगी।

जिलाधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर सीमाओं का निर्धारण किया जा रहा है। स्टॉम्प और रजिस्ट्रेशन विभाग ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। 100 से 150 गांवों और शहरों में वार्डों के हिसाब से ऑफिस बनाए जा रहे हैं। योगी सरकार ने नए सिरे से शहरों का दायरा तय किया है। नई नगर पंचायतें बनाने के साथ ही बड़े शहरों में कई गांवों को शामिल किया गया है।

सुल्तानपुर और चित्रकूट में उप निबंधक ऑफिस खोले जा चुके हैं। यहां पर नई तैनाती होने तक इन ऑफिसों को अतिरिक्त प्रभार देकर काम शुरू कर दिया गया है। स्थायी तैनाती जल्द होगी। ऑनलाइन सुविधा शुरू हो गई है।

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