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गर्भवती महिला को निजी अस्पताल ले जाती फर्ज़ी आशा वर्कर को सीएमएस ने रंगे हाथों पकडा।

रेफर की गई गर्भवती महिला को निजी अस्पताल ले जाती आशा ने पकड़ लिया

गर्भवती माया देवी को ले जाते परिजन

बदायूं। महिला अस्पताल में उस समय गर्भवती महिला को रेफर कर दिया गया जब सिटी मजिस्ट्रेट ऑफिस में बैठकर जांच कर रहे थे। परिजनों को बताया गया कि यहां कोई डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं है। परेशान परिजन गर्भवती को मेडिकल कॉलेज ले जा रहे थे तो उसी समय एक फर्जी आशा मौके पर आ गईं और परिजनों को निजी अस्पताल ले जाने का प्रलोभन देने लगी। सीएमएस ने फर्जी आशा को मौके पर ही पकड़ लिया लेकिन कार्रवाई न कराकर आगे से दिखाई न देने की हिदायत देकर छोड़ दिया।

महिला अस्पताल में इस समय विभिन्न मामलों में तीन-तीन जांचें चल रहीं हैं। इसके बाद भी यहां तैनात डॉक्टर और कर्मचारी सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। मंगलवार को गर्भवती माया देवी को परिवार के लोग महिला अस्पताल लेकर पहुंचे। उस समय ऑफिस में बैठकर सिटी मजिस्ट्रेट रामजी लाल जांच कर रहे थे।

गर्भवती महिला को परिवार के लोग प्रसव कक्ष में लेकर पहुंचे तो यहां तैनात कर्मचारियों ने बताया कि यहां अधिकारी जांच को आए हुए हैं। अगर प्रसव कराना है तो मेडिकल कॉलेज ले जाओ, यहां अभी कोई डॉक्टर नहीं है। परिजनों को रेफर स्लिप भी दे दी।

गर्भवती महिला को लेकर परिवार के लोग नीचे आ गए, जहां दो फर्जी आशा मिलीं। वे परिवार के लोगों को निजी अस्पताल में ले जाने के लिए वरगलाने लगीं। इसी दौरान सीएमएस डॉ. इंदुकांत वर्मा वहां पहुंच गये। उन्होंने फर्जी आशाओं को देखकर पूछा तो वे कोई जवाब नहीं दे सकीं। सीएमएस ने पुलिस को बुलाकर मुकदमा दर्ज कराने देने की धमकी देते  दोबारा अस्पताल में दिखाई न देने की हिदायत देकर जाने दिया गया। इस दौरान बाकी की फर्जी आशाएं भी वहां से रफूचक्कर हो गईं।

डॉ। इंदुकांत वर्मा, सीएमएस ने बताया कि मंगलवार को सिटी मजिस्ट्रेट कुछ मामलों की जांच करने पहुंचे थे। मेरी खुद की डयूटी प्रसव में थी। मैं जांच में मदद कर रहा था। इसी दौरान माया देवी के परिजन आए और बताया कि कोई डॉक्टर नहीं है। इस पर जाकर मरीज को देखा। मरीज को तत्काल ऑपरेशन की जरूरत थी लेकिन वह डयूटी पर जाकर सीजर नहीं कर सकते थे। इसलिए मेडिकल कॉलेज रेफर कराया गया था। फर्जी आशाओं पर जांच में व्यस्त रहने के कारण कार्रवाई नहीं कराई गई। यदि फिर ऐसा मिलता है तो पुलिस को तहरीर देकर कठोर कार्रवाई कराई जाएगी।

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