
अस्थाई मंदिर में रामलला। (फाइल फोटो)
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रामनगरी आने वाले श्रद्धालुओं को शनिवार से तीन दिनों तक रामलला के दर्शन नहीं हो सकेंगे। 20 व 21 को अस्थायी राममंदिर में दर्शन बंद रहेगा। जबकि 22 जनवरी को नए मंदिर में रामलला की अचल मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की जानी है। इस दिन केवल प्राण प्रतिष्ठा समारोह में मौजूद अतिथियों को ही दर्शन मिलेगा। आम श्रद्धालु 23 जनवरी को नए मंदिर में रामलला के दर्शन कर पाएंगे।
प्राण प्रतिष्ठा समारोह की तैयारी व सुरक्षा कारणों के चलते श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने यह निर्णय लिया है। प्राण प्रतिष्ठा को लेकर राम जन्मभूमि परिसर में व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। इसके अलावा पूरे परिसर को एसपीजी ने अपने सुरक्षा घेरे में लिया है। 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा समारोह में पीएम नरेंद्र मोदी, सीएम योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, संघ प्रमुख मोहन भागवत समेत करीब आठ हजार अतिथि राम जन्मभूमि परिसर में मौजूद रहेंगे। ऐसे में सुरक्षा को देखते हुए दो दिन पहले पूरे परिसर की सुरक्षा निगरानी बढ़ा दी गई है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कार्यालय प्रभारी प्रकाश गुप्ता ने बताया कि 20 व 21 को अस्थायी मंदिर में दर्शन बंद रहेगा। 23 जनवरी को नए मंदिर में रामलला के दर्शन का सौभाग्य भक्तों को प्राप्त होगा।
कंट्रोल रूम सक्रिय किया गया
प्राण प्रतिष्ठा समारोह की तैयारी के लिए जिला प्रशासन ने कलेक्ट्रेट परिसर में निर्वाचन कार्यालय के पास नए भवन में कंट्रोल रूम बनाया है। इसमें प्रभारी के साथ जिले स्तर के अधिकारी और कर्मचारी लगाए गए हैं। सीडीओ अनीता यादव के नेतृत्व में यहां तैयारियों को लेकर कार्य किया जा रहा है। यहां से जानकारी देने और सूचनाएं प्राप्त करने का काम किया जा रहा है।
अलग-अलग जिले से पहुंची जवानों की टुकड़ी
प्राण प्रतिष्ठा समारोह में सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए बृहस्पतिवार को जवानों की आखिरी टुकड़ी भी पहुंच गई। इनमें प्रदेश के विभिन्न जिलों की पुलिस के अलावा, आरआरएफ, एसएसबी, आईटीबीपी, पीएसी आदि जवान शामिल हैं। अधिकारियों ने इन्हें कर्तव्यबोध कराते हुए तैनाती स्थल के लिए रवाना किया।
प्राण प्रतिष्ठा समारोह के मद्देनजर विभिन्न जिलों से लगभग 10,000 से अधिक जवानों को बुलाया गया है। इनमें 100 से अधिक डीएसपी, 325 इंस्पेक्टर व 800 उपनिरीक्षक, वीआईपी सुरक्षा के लिए तीन डीआईजी, 17 एसपी, 40 एएसपी, 82 डीएसपी, 90 निरीक्षक आदि शामिल हैं। अर्द्धसैनिक बलों की चार कंपनी आरआरएफ, दो कंपनी एसएसबी, एक कंपनी आईटीबीपी व 26 कंपनी पीएसी के जवान भी पहुंचे हैं।

























