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गांव में कुत्ते की मौत पर पूरे गांव में शोक,गांव वालों ने “टॉमी” की मौत के बाद इंसानों की तरह पूरी प्रक्रिया निभाई, गांव वालों ने मिलकर उसकी आत्मा की शान्ति के लिए शांति यज्ञ और ब्रह्म भोज पर कर दिये लाखों रु ख़र्च,चारों तरफ हो रही चर्चा।

बागपत. इंसान की मौत के बाद उनके परिजन इंसान की आत्मा की शांति के लिए तेरहवीं और ब्रह्म भोज का आयोजन तो आपने बहुत देखा होगा। लेकिन यूपी के बागपत के बिजरोल गांव में एक कुत्ते की मौत से पूरे गांव में मातम है।यह मामला है यूपी के बागपत का जहां एक कुत्ते की मौत पर पूरा गांव रो पड़ा. दरअसल, 12 साल पहले इस कुत्ते के जन्म के बाद इसकी मां की मौत हो गई थी. गांव के लोगों ने इसे पाला और नाम रखा टॉमी. धीरे-धीरे टॉमी उर्फ मुन्ना पूरे गांव का चहेता हो गया. बीते दिनों टॉमी की मौत हो गई तो पूरा गांव दुखी हो गया. इंसानों की तरह उसकी तेरहवीं और ब्रह्म भोज का आयोजन किया. आत्मा की शांति के लिए हवन भी कराया.
टॉमी नामक कुत्ता गांव वालों को इतना प्यारा था कि उसकी मौत के बाद इंसानों की तरह पूरी प्रक्रिया निभाई गई। गांव वालों ने मिलकर उसकी आत्मा की शान्ति के लिए शांति यज्ञ और ब्रह्म भोज का आयोजन करवाया है। आसपास के क्षेत्र में इसको लेकर खूब चर्चा है।

यूं तो यदा कदा इंसानों के अलावा भी जानवरों की मौत के बाद कुछ पशु प्रेमी अपने द्वारा पाले गए जानवर से लगाव के चलते उसकी आत्मा की शांति के लिए अंतिम रस्में करता है, लेकिन बागपत में एक गली के कुत्ते की मौत पर पूरे गांव के लोगों ने मिलकर ‘टॉमी उर्फ मुन्ना’ की आत्मा की शांति के लिए शांति यज्ञ किया गया। उसके बाद ब्रह्म भोज कराया गया। दरअसल, टॉमी उर्फ मुन्ना पूरी गली का ही लाडला था और पूरे मोहल्ले की हिफाज़त करता था।

करीब 12 वर्ष की आयु में टॉमी उर्फ मुन्ना की छह अगस्त को मौत हो गई थी। टॉमी की मौत के बाद गांव वालों ने टॉमी उर्फ मुन्ना की आत्मा की शांति के लिए सभी अंतिम क्रियाएं की। इस क्रम में आज टॉमी उर्फ मुन्ना की 13वीं आयोजित की गई। गांव वालों का कहना है कि टॉमी की अच्छाइयों के कारण पूरा गांव उसे आज याद कर रहा है। एक दिन का ही था टॉमी जब वो अनाथ हो गया था। टॉमी को मोहल्ले वालों ने पाला और टॉमी ने भी अपनी जिंदगी बचाने वालों के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। टॉमी की मौत के बाद पूरा गांव दुखी है।

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