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बदायूं में चूहे की ‘दर्दनाक हत्या’ का मामला ,BBC की सुर्खियां बना ,क्या है मामला ?


उत्तर प्रदेश के बदायूं से एक मामला सामने आया है जिसमें मनोज कुमार नाम के एक शख़्स पर एक चूहे की निर्मम हत्या करने का आरोप पीपल फॉर एनिमल्स संस्थान के विकेन्द्र शर्मा द्वारा लगाया गया है.

शिकायतकर्ता विकेन्द्र शर्मा ने इस घटना से जुड़े कुछ वीडियो लिए जिसमें वे कह रहे हैं, “मनोज कुमार नाम के आदमी ने इसे बुरी तरह मारा, ईंट बाँध कर इसे पानी में डुबो दिया.”

पीपल फॉर एनिमल्स संस्थान के विकेन्द्र शर्मा ने बदायूं के कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक को लिखित में तहरीर दी कि मनोज कुमार ने चूहे की पूँछ में पत्थर बाँध कर नाले में डूबो कर मारने की कोशिश की.
विकेन्द्र शर्मा ने अपनी तहरीर में लिखा कि उन्होंने नाले में कूद कर चूहे को बहार निकाला लेकिन वो बच न सका.
विकेन्द्र शर्मा ने चूहे को इतने दर्दनाक तरीके से मारने के लिए पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत और आईपीसी के तहत मुक़दमा दर्ज करने की मांग की है. साथ ही तहरीर में यह भी लिखा है कि, “चूहा मैं कोतवाली में दे रहा हूँ. कृपया पोस्टमार्टम करने का कष्ट करें.

पुलिस ने चूहे के पोस्ट मॉर्टम के लिए पशु चिकित्सा अधिकारी को पत्र भी लिखा लेकिन जवाब में चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि चूहे के पोस्ट मॉर्टम की सुविधा बदायूं में नहीं है और उसके लिए उसके शव को बरेली भेजना पड़ेगा.

फ़िलहाल पुलिस ने मनोज कुमार के ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज नहीं किया है और सिर्फ़ थाने में बुला कर तहरीर के आधार पर उनसे पूछताछ की और उनका घर जाकर देखा है.
शिकायतकर्ता विकेन्द्र शर्मा ने बताया कि वो ख़ुद चूहे का शव लेकर बरेली इंडियन वेटरनरी रिसर्च इंस्टिट्यूट (IVRI) में ले गए जहाँ पर चूहे का पोस्टमॉर्टम हुआ है और अब रिपोर्ट का इंतज़ार है.

विकेन्द्र शर्मा ने स्वदेश केसरी न्यूज़ को बताया कि किसी की भी जान लेना कुछ लोगों को मज़ाक लग सकता है लेकिन मेरे लिये इन बेजुबानों के हक के लड़ने में लोगों को आगे आना चाहिए, मनोज कुमार चूहे को तड़पा तड़पा कर मार रहा था.

वे कहते हैं, “चूहा वाइल्ड लाइफ़ प्रोटेक्शन एक्ट के तहत छोटे जीवों की श्रेणी में आता है. लेकिन मनोज कुमार की क्रूरता ग़लत थी. एक बेज़ुबान चीज़ को नहीं पता है कि वो आपका क्या नुक़सान कर रहा है. बात चूहे की नहीं है. लोगों को तो यह एक मज़ाक का मुद्दा लग रहा है.”

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