आजमगढ़/रामपुर।उत्तर प्रदेश में आज रविवार 26 जून को रामपुर और आजमगढ़ सीट पर तीन दिन पहले हुए उपचुनाव के नतीजे आ गए हैं। रामपुर में सपा का किला ढह गया है। यहां भाजपा के घनश्याम लोधी जीत गए हैं। घनश्याम ने सपा के आसिम रजा को 42 हजार वोटों से हराया है। रामपुर समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान का गढ़ माना जाता है. लेकिन यहां पार्टी का उम्मीदवार नहीं जीत पाया. वहीं आजमगढ़ भी समाजवादी पार्टी का गढ़ माना जाता रहा है.करीब चार महीने पहले हुए विधानसभा चुनाव में कुल 10 सीटों वाले आजमगढ़ जिले की हर सीट पर सपा प्रत्याशी की जीत हुई थी। लेकिन लोकसभा के उपचुनाव में यहां सपा को मायूसी का सामना करना पड़ा।यहां बीएसपी के उम्मीदवार शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली ने ढाई लाख से अधिक वोट हासिल किए हैं. माना जा रहा है कि यहां समाजवादी पार्टी और बीएसपी के बीच मुस्लिम वोटों के बंटवारे ने बीजेपी को बढ़त दिला दी.





यादव बनाम यादव ने बढ़ाई मुश्किल
उपचुनाव में एक तरफ सपा ने धर्मेंद्र यादव को मैदान उतारा तो वहीं दूसरी तरफ भाजपा ने भोजपुरी स्टार दिनेश लाल यादव निरहुआ को टिकट दिया। इस फैक्ट के बावजूद कि निरहूआ 2019 के चुनाव में हार चुके थे, भाजपा ने उन्हें दोबारा मौका दिया। हालांकि पिछली बार भी निरहुआ के सामने अखिलेश यादव थे, लेकिन इस बार उनके सामने थे धर्मेंद्र यादव। धर्मेंद्र का कद इस लायक नहीं था, जिससे निरहूआ की राह मुश्किल हो पाती।
अखिलेश से नाराजगी?
विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव मैनपुरी के करहल विधानसभा क्षेत्र से मैदान में थे। यहां से उन्होंने जीत भी हासिल की। विधानसभा चुनाव में जीतने के बाद अखिलेश ने आजमगढ़ सीट से सांसदी छोड़ दी। उन्होंने तर्क दिया कि वह विपक्ष में बैठकर अगले विधानसभा चुनाव की तैयारी करेंगे। लेकिन लगता है कि आजमगढ़ में अखिलेश के समर्थकों और कोर वोटर्स को उनका यह फैसला रास नहीं आया।
रामपुर में भाजपा ने सपा से छीनी सीट
रामपुर में सपा का किला ढह गया है। यहां भाजपा के घनश्याम लोधी जीत गए हैं। घनश्याम ने सपा के आसिम रजा को हराया है। आजमगढ़ में भी भाजपा के शुरुआती दौर में पिछड़ने के बाद दोपहर 12 बजे के बाद भाजपा ने बढ़त बनाई फिर पीछे नहीं हुई।
रामपुर में आजम खान की प्रतिष्ठा, तो वहीं आजमगढ़ में अखिलेश यादव की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई थी। आजमगढ़ से अखिलेश यादव ने चचेरे भाई धर्मेंद्र यादव पर दांव लगाया था लेकिन यह दांव भी उनको जीत न दिला सकी, दूसरी ओर आज़मखान ने जेल से छूटते ही सपा पर दबाब बनाते हुए रामपुर सीट का फैसला खुद तय करते हुए अपने चहेते आसिम रज़ा को टिकट दिया। यहां आज़मखान अपने बल पर अखिलेश यादव के बिना चुनाव प्रचार के सीट जीतकर सपा पर पूरा दबदबा बनाना चाहते थे,लेकिन उनका यह अरमान चकनाचूर हो गया।आज़मखान को लंबे समय बाद जेल से छूटने पर लगा कि जनता में उनकी इमेज में निखार आया है,इसी ओवर कॉन्फिडेंस के चलते उनको हार का मुँह देखना पड़ा।मुस्लिम बाहुल्य सीट पर उनकी यह हार यह बयां करती है कि उनका यूपी में बड़ा मुस्लिम नेता के चेहरा होने का दम्भ फुस्स होता दिख रहा है।
आज सुबह जैसे ही आजमगढ़ में वोटों की गिनती शुरू हुई, उसी दौरान सपा प्रत्याशी धर्मेंद्र यादव ने हंगामा शुरू कर दिया। दरअसल स्ट्रांग रूम में जाने को लेकर धर्मेंद्र यादव की पुलिस से बहस हो गई। धर्मेंद्र यादव जिस गेट से स्ट्रांग रूम में जाना चाहते थे, पुलिस ने उन्हें रोक लिया और दूसरे रास्ते से आने को कहा। इस पर धर्मेंद्र यादव भड़क गए।
धर्मेंद्र यादव ने पुलिस से चिल्लाते हुए कहा कि आप लोग हमें अंदर क्यों नहीं जाने दे रहे हो? आप मशीनें बदलना चाहते हो। धर्मेंद्र यादव काफी देर तक वहां मौजूद पुलिस अधिकारियों पर चिल्लाते रहे। उसके बाद वायरल वीडियो में पुलिस के लोग यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि आप इस तरह से अधिकारी से बात नहीं कर सकते। लेकिन धर्मेंद्र यादव अंदर जाने के लिए अड़े रहे।














