बदायूँ ।बदायूँ की सांसद संघमित्रा मौर्य के पिता स्वामी प्रसाद मौर्या के समाजवादी पार्टी में शामिल में हो जाने के बाद से भाजपा पर निरन्तर हमलावर हैं, उन्होंने भाजपा व आर एस एस को नाग व सांप तक कि संज्ञा दे डाली है, वहीं खुद को नेवला बताते हुए Rss व Bjp को जड़ से खत्म कर देने तक की बात कहते हुए ट्वीट किया है। स्वामी के इस ट्वीट के बाद से बदायूँ भाजपा कार्यकर्ताओं ने स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी बदायूँ की सांसद संघ मित्रा मौर्य को शोसल मीडिया पर निशाने पर लेकर खूब खिंचाई शुरू कर दी है। जिससे संघमित्रा काफी असहज महसूस होती दिख रही हैं।



आज इसकी झलक उनके फेशबुक पेज पर पड़ी पोस्ट को देखकर मिली। उन्होंने पिता और पार्टी दोनों में सामंजस्य स्थापित करते हुए पोस्ट लिखी है,जिसमें एक ओर उन्होंने अपने और पिता के रिश्ते में पिता के साथ खड़ी हैं, बहीं दूसरी ओर मोदी जी द्वारा पिताजी से बोले गए शब्दों का हवाला देते हुए लिखती हैं कि मौर्य जी “ये बेटी अब हमारी बेटी है ये बेटी हमने ले ली”गूँज जाते हैं (मोदीजी द्वारा स्वामी प्रसाद मौर्य से बोले गए शब्द)देते हुए अपने आपको भाजपा में बने रहने का कारण बताती नजर आती हैं, उन्होंने अपनी पोस्ट में जो लिखा है स्वदेश केसरी न्यूज अपने पाठकों को पूरा कॉपी पेस्ट कर रहा है,जिसे नीचे पढा जा सकता है।
उन्होंने ऐसे कार्यकर्ताओं को चेतावनी भरे शब्द भी लिखे हैं जिसमे वो साफ शब्दों में कह रही हैं कि पिता को लेकर अशोभनीय शब्दों के पोस्टों के जबाब वो दे भी सकती हैं,
संघमित्रा मौर्य की आज की पोस्ट के माध्यम से उन भाजपा कार्यकर्ताओं को स्पष्ट सन्देश भी दे दिया है,जो उनके पिता के जाते ही मर्यादा भूल गए हैं,इशारों इशारों में उन्होंने चेतावनी भी दे डाली है कि अगर चुनाव के बाद कहीं धोखे से निज़ाम बदल गया तो ऐसी पोस्ट डालने वालों का जबाब जरूर दिया जाएगा।अब यह तो आने वाली 10 मार्च को तय हो जाएगा।कि संघमित्रा किस पार्टी में रह कर जनता की सेवा करेंगी,इस पोस्ट के माध्यम यह संदेश दे दिया है कि 10 मार्च तक तो भाजपा को छोड़कर नहीं जा रही हैं,अपनी प्रोफाइल फोटो में भी वो मोदी और पिता के साथ खड़ी नजर आ रही हैं को हटाया नहीं है।
संघमित्रा मौर्य द्वारा डाली गई पोस्ट जिसमें उन्होंने लिखा है
“मैं कुछ मांगू और पूरा न हो,
ऐसे तो हालात नहीं,
मैं पुकारुं और पापा न सुनें,
इतने भी हम दूर नहीं “
पिता और बेटी का रिश्ता दुनिया का सबसे मजबूत रिश्ता है।
मैं देश के प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी जी के मुझे बेटी के रूप में मेरे पिता से मांगे हुए वचन से बंधी हुई हूँ।
सोशल मीडिया पर जब अशोभनीय शब्द पड़ती हूँ तब ऐसा नहीं है जबाब नहीं दे सकती ,ऐसा भी नहीं है फैसला नहीं ले सकती ,लेकिन तभी आदरणीय प्रधानमंत्री जी के द्वारा पिताजी से बोले गए शब्द कि मौर्य जी “ये बेटी अब हमारी बेटी है ये बेटी हमने ले ली”गूँज जाते हैं।
सांसद बनने से पहले मैं सामाजिक कार्यो में व्यस्त रहती थी सांसद बनने के बाद अपनी जिम्मेदारियों का संसद में निर्वाहन कर रही हूं और आगे भी करती रहूंगी।
आपके हक के लिए लड़ने में कही पीछे नही रहूंगी ।
मेरे पिता मेरे अभिमान हैं ,मेरे हीरो हैं ।
पार्टी अलग हो सकती है लेकिन पिता पुत्री नहीं।
आज उत्तर प्रदेश में जो स्थिति है वो बड़बोलापन ही है जहाँ एक तरफ आदरणीय मोदी जी भाजपा का बड़ा परिवार करने की बात करते है और काम करते है वही निचले स्तर के लोग छोटी सोच का परिचय दे कर किसी को हजम नही करना चाहते ।
जय भाजपा तय भाजपा

























