- चड़रा गांव में तेंदुआ ने नीलगाय समेत दो पशुओं का किया शिकार
सीतापुर। महोली इलाके में नदी की तलहटी में तेंदुआ ने नीलगाय समेत दो पशुओं को अपना शिकार बनाया है। स्वदेश केसरी न्यूज में खबर फ्लैश होने का संज्ञान लेकर पहुंची वन विभाग की टीम को करीब 500 मीटर एरिया में तेंदुआ के विचरण करने के पगचिन्ह मिले हैं।
मालूम हो कि महोली वन क्षेत्र के गांव चड़रा निवासी सरदार कुलदीप सिंह सोमवार को कुछ साथियों के साथ कठिना नदी के किनारे अपने खाली पड़े खेत की ओर गए थे। इसी दौरान जंगली जानवर के पगचिन्ह दिखे थे। मोबाइल से पगचिन्हों की फोटो लेकर स्वदेश केसरी न्यूज़ को उपलब्ध कराए थे।

यह खबर स्वदेश केसरी न्यूज़ ने प्रमुखता से फ्लैश की थी। खबर का संज्ञान लेकर वन क्षेत्राधिकारी सीके पांडेय के नेतृत्व में मंगलवार को वन दरोगा राहुल यादव, वनरक्षक नंदलाल, वनरक्षक विनीत कुमार, वनरक्षक राजनाथ यादव की टीम मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल की। इस दौरान ग्रामीणों ने बताया कि कुछ दूरी पर एक नीलगाय को जंगली जानवर ने मार दिया है। टीम वहां पहुंची तो देखा कि गेहूं के खेत, सरसों के खेत से गन्ने के खेत तक जानवर को घसीटने तथा वहां खून, मांस के टुकड़े पड़ा होना सामने आया। यही नहीं कारेदेव बाबा के स्थान के पास अवधेश त्रिवेदी के खेत में तेंदुआ द्वारा मारा गया एक श्वान भी पड़ा मिला। इस संबंध में वन क्षेत्राधिकारी सीके पांडेय ने बताया कि टीम द्वारा की गई जांच पड़ताल में पगचिन्ह तेंदुआ के पाए गए हैं। उन्होंने बताया कि तेंदुआ द्वारा पशुओं का भी शिकार किया जाना सामने आया है। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों को आगाह किया गया है कि वह उस एरिया में न जाएं। अगर जाना हो तो समूह में जाएं साथ ही आग की भी व्यवस्था रखें।

























